वैशाली जिले के महुआ थानाक्षेत्र के जलालपुर गगटी पंचायत के जलालपुर गांव, वार्ड-6 में छापामारी के दौरान एक दर्दनाक घटना हो गई। पुलिस द्वारा शराब सेवन के संदेह में एक व्यक्ति को पकड़ने की कार्रवाई के दौरान मजदूर राजेंद्र पासवान (50) की मौत हो गई। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा इतना भड़क उठा कि उन्होंने पुलिसकर्मी को बंधक बना लिया और पुलिस वाहन को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। इसके बाद पुलिस ने लोगों पर लाठी चार्ज कर दिया।
Bihar: शराब मामले में छापामारी के दौरान मजदूर की मौत से लोग भड़के, पुलिसकर्मी बंधक बनाए; बल ने किया लाठीचार्ज
Bihar: शराब मामले में छापामारी के दौरान मजदूर की मौत से लोग भड़के, पुलिसकर्मी बंधक बनाए; बल ने किया लाठीचार्ज
Vaishali: People got angry due to death of laborer during raid in liquor case, policemen hostage; lathicharge
जानकारी के मुताबिक, घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जैसे ही मजदूर की मौत की खबर फैली, लोगों की भीड़ इकट्ठी हो गई और उन्होंने पुलिसकर्मी पर हमला कर उसे एक घर में बंद कर दिया। इस घटना के वीडियो फुटेज भी सामने आए हैं, जिनमें देखा जा सकता है कि आक्रोशित भीड़ पुलिस अधिकारी को घसीटते हुए ले जा रही है और इलाके में हालात तनावपूर्ण हैं। मृतक की पहचान कटहरा थानाक्षेत्र के करहटिया बुजुर्ग गांव निवासी दिवंगत महावीर पासवान के बेटे राजेंद्र पासवान के रूप में हुई है, जो एक साधारण मजदूर थे।
घटना की सूचना मिलते ही महुआ एसडीपीओ सौरभ सुमन समेत कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की, लेकिन स्थानीय लोगों का गुस्सा शांत नहीं हो रहा है। पुलिसकर्मी को छुड़ाने और भीड़ को काबू में करने के लिए वरीय पुलिस अधिकारियों ने मोर्चा संभाला और लाठीचार्ज कर दिया। फिलहाल, मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है और स्थिति को सामान्य करने के प्रयास जारी हैं।
यह घटना पुलिस की कार्रवाई और शराबबंदी कानून को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ते असंतोष को दर्शाती है। मृतक के परिजन और स्थानीय लोग पुलिस की इस कार्रवाई को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं और न्याय की मांग कर रहे हैं।
इस मामले को लेकर वैशाली एसपी हर किशोर राय ने बताया कि महुआ थाना के स०अ०नि० भुनेश्वर राम और गश्ती दल को मद्यनिषेध टॉल फ्री नंबर 15545 पर शराब से संबंधित सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर गश्ती दल जलालपुर गंगटी गांव पहुंची। पुलिस को देखकर राजेंद्र पासवान भागने लगे, लेकिन भागते समय गिरने के बाद उनकी मृत्यु हो गई। पुलिस के मुताबिक, पुलिस और मृतक के बीच लगभग 250 मीटर की दूरी थी, और इसी दौरान वे गिर गए, जिससे उनकी मौत हो गई।
राजेंद्र पासवान की मौत के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित लोगों ने मौके पर पहुंची पुलिस टीम पर हमला कर दिया। सरकारी वाहन पर पत्थरबाजी कर शीशे तोड़ दिए और पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट की। इस घटना में गश्ती दल के एक सिपाही को हल्की चोटें आईं, जिनका इलाज महुआ के अनुमंडल अस्पताल में चल रहा है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधिकारी और अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर पहुंच गए, जिसके बाद स्थिति नियंत्रण में आ गई। एसपी हर किशोर राय ने बताया कि फिलहाल स्थिति सामान्य है और मामले की जांच की जा रही है। पुलिस बल क्षेत्र में तैनात है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति को रोका जा सके। पुलिस प्रशासन ने घटना की जांच शुरू कर दी है और मृतक के परिवार के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। पुलिस इस मामले में ग्रामीणों द्वारा किए गए हमले को भी गंभीरता से ले रही है और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।