पटना के पाटलिपुत्र खेल परिसर में आज अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का भव्य समारोह आयोजित किया गया, जिसकी अध्यक्षता स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने की। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा सहित कई अन्य नेता और अधिकारी भी उपस्थित रहे। सभी ने योग के महत्व को उजागर करते हुए सकारात्मक संदेश दिया। स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने समारोह के दौरान कहा कि अंतरराष्ट्रीय योग की शुरुआत प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों से हुई है। उन्होंने इसे वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाई। उन्होंने योग के लाभों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नियमित योगाभ्यास से मानसिक शांति और शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार होता है। वहीं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने कहा कि आज पूरी दुनिया में योग दिवस के अवसर पर योग को अपने जीवन में कैसे उतारे इसका संदेश दिया जा रहा है। हम निरोग रहे इसके लिए योग ही एकमात्र उपाय है।
International Yoga Day: बिहार में योग को लेकर दिखा खासा उत्साह, पटना-वैशाली व नालंदा में लोगों ने किया व्यायाम
International Yoga Day: बिहार के अलग-अलग जिलों में योग दिवस के मौके पर लोगों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। इस मौके पर सूबे के डिप्टी सीएम, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने भी लोगों के बीच जाकर योगा किया।
वैशाली जिले के हाजीपुर में शनिवार को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस बड़े ही उत्साह और धूमधाम के साथ मनाया गया। इस अवसर पर बसावन सिंह इंडोर स्टेडियम में मुख्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहां जिलाधिकारी वर्षा सिंह ने दीप प्रज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया। इस दौरान कई जिला स्तरीय अधिकारी भी उनके साथ मौजूद रहे।
कार्यक्रम में जिलाधिकारी सहित सभी अधिकारीगण योग करते हुए नजर आए। प्रशिक्षित योग शिक्षकों ने उपस्थित लोगों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास कराया। योग शिविर में स्थानीय लोगों की भारी भीड़ उमड़ी और लोगों ने पूरे उत्साह से सहभागिता की। इस अवसर पर जिलाधिकारी वर्षा सिंह ने कहा कि योग न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत आवश्यक है। हमें इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए।
जिले के विभिन्न हिस्सों में भी अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। सामाजिक संगठनों और सरकारी संस्थाओं ने संयुक्त रूप से योग शिविर लगाए। शैक्षणिक संस्थानों, पार्कों, पंचायत भवनों और खेल मैदानों में लोगों ने सामूहिक रूप से योगाभ्यास किया। महिलाओं के लिए विशेष योग सत्र का भी आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया।
जहानाबाद व्यवहार न्यायालय परिसर में योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार, नई दिल्ली, बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना तथा उच्च न्यायालय, पटना के निर्देशानुसार, शुक्रवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकार, जहानाबाद के तत्वावधान में व्यवहार न्यायालय परिसर में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, ब्रजेश कुमार की उपस्थिति रही। इस अवसर पर सभी न्यायिक पदाधिकारीगण और न्यायालय कर्मियों ने योगाभ्यास में भाग लिया।
योग अभ्यास का संचालन वरिष्ठ योग गुरु डॉ. उदय कुमार तिवारी के मार्गदर्शन में प्रशिक्षित योग प्रशिक्षकों निरंजन प्रसाद, संगीता देवी और नीरज कुमार के द्वारा किया गया। योग गुरुओं ने प्रतिभागियों को विभिन्न योगासनों का अभ्यास कराया और योग से होने वाले शारीरिक एवं मानसिक लाभों की जानकारी दी। उन्होंने संदेश दिया, “करो योग, रहो निरोग”, और कहा कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क संभव है।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ब्रजेश कुमार ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज पूरा विश्व 11वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मना रहा है। यह दिन योग के महत्व को रेखांकित करने और जन-जन को इसके प्रति जागरूक करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि योग तनाव को दूर करता है और मानसिक शांति प्रदान करता है। नियमित योगाभ्यास से अनेक बीमारियों से बचा जा सकता है तथा जीवन की गुणवत्ता में सुधार होता है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 में भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की पहल की थी, जिसके बाद से हर वर्ष 21 जून को यह दिवस वैश्विक स्तर पर मनाया जाता है। भारत ने योग के माध्यम से पूरी दुनिया को स्वस्थ रहने का मार्ग दिखाया है।
प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा के प्रतीक नालंदा महाविहार में आज दसवां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस अत्यंत उत्साह और गरिमा के साथ मनाया गया। इस ऐतिहासिक अवसर पर केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए और योग की महत्ता पर प्रकाश डाला।
बौद्ध मंगल पाठ से हुई शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत प्रातःकाल 6 बजे बौद्ध भिक्षुओं के पारंपरिक मंगल पाठ से हुई, जिसने इस आध्यात्मिक वातावरण में एक दिव्य माहौल का निर्माण किया। यूनिवर्सिटी कैंपस में विशेष रूप से तैयार किए गए टेंट के नीचे ढाई सौ से अधिक विश्वविद्यालय परिवार के सदस्यों ने एकसाथ योगाभ्यास किया। कार्यक्रम की मुख्य विशेषता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विशाखापट्टनम से प्रसारित होने वाले भाषण का लाइव प्रसारण था, जिसे उपस्थित सभी लोगों ने बड़ी तल्लीनता से सुना।
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गिरिराज सिंह का व्यापक संबोधन
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने अपने संबोधन में योग की वैश्विक स्वीकार्यता पर जोर देते हुए कहा की आज 177 से अधिक देशों ने योग को स्वीकार किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का धन्यवाद करता हूं जिन्होंने हमारे प्राचीन प्रिवेंटिव हेल्थ को पूरी दुनिया में फैलाने का काम किया है। उन्होंने इस वर्ष की थीम 'योगा फॉर वन अर्थ वन हेल्थ' का उल्लेख करते हुए योग के आर्थिक महत्व पर भी प्रकाश डाला। मंत्री जी ने बताया कि वर्तमान में पूरी दुनिया में योग का बाजार 70 मिलियन डॉलर का है और यह तेजी से बढ़कर आने वाले दिनों में 270 मिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है।
योग की पारंपरिक जड़ें
केंद्रीय मंत्री ने योग की पौराणिक पृष्ठभूमि का भी उल्लेख किया और कहा कि भगवान शिव से सप्त ऋषियों को मिले योग को महर्षि पतंजलि ने व्यवस्थित रूप दिया। उन्होंने बाबा रामदेव की योग प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका को भी सराहा।
कार्यक्रम की शुरुआत सिवान जंक्शन परिसर से हुई, जहां रेलवे सुरक्षा बल, GRP और स्थानीय समाजसेवियों ने दीप प्रज्वलित कर योग दिवस की शुरुआत की। स्टेशन परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में भारी संख्या में आरपीएफ के जवान, रेलवे कर्मी और समाजसेवी मौजूद रहे। प्रशिक्षित योग शिक्षकों की देखरेख में सभी ने योगासन, प्राणायाम और ध्यान के माध्यम से तन-मन को स्वस्थ रखने का संदेश दिया।
वहीं शहर के गांधी मैदान में पिंकाथन ग्रुप की महिलाओं द्वारा विशेष योग सत्र का आयोजन किया गया। इस मौके पर बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया और सामूहिक योगाभ्यास किया। महिलाओं ने एक स्वर में कहा कि योग न सिर्फ शरीर को स्वस्थ रखता है, बल्कि मानसिक शांति भी प्रदान करता है।
इसी क्रम में सिवान के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों, पार्कों, पंचायत भवनों, और खेल मैदानों में भी योग दिवस के अवसर पर योगाभ्यास कराया गया। बच्चों, युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों ने योग में भाग लेकर इसे जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया।