{"_id":"5d79050a8ebc3e93c52eefdb","slug":"amrit-kalash-and-unique-shivling-found-in-bronze-cup-from-candi-sukuh-temple-indonesia","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"इस मंदिर में आज भी मौजूद है समुद्र मंथन से निकला अमृत कलश! ऊपर स्थापित है शिवलिंग","category":{"title":"Bizarre News","title_hn":"हटके खबर","slug":"bizarre-news"}}
इस मंदिर में आज भी मौजूद है समुद्र मंथन से निकला अमृत कलश! ऊपर स्थापित है शिवलिंग
फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सोनू शर्मा
Updated Thu, 12 Sep 2019 09:18 AM IST
विज्ञापन
1 of 5
कंडी सुकुह मंदिर, इंडोनेशिया
- फोटो : Social media
Link Copied
समुद्र मंथन और उससे निकले अमृत कलश की बातें न जाने हम कितने सालों से सुनते आ रहे हैं। हालांकि कुछ लोग इसे सिर्फ एक पौराणिक कथा मानते हैं, सच नहीं। लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि मुस्लिम देश इंडोनेशिया में एक ऐसा मंदिर है, जहां के बारे में कहा जाता है कि वहां आज भी वो अमृत कलश मौजूद है, जो समुद्र मंथन से निकला था।
Trending Videos
2 of 5
इंडोनेशिया के कंडी सुकुह मंदिर से मिला 'अमृत कलश'
- फोटो : Social media
इस मंदिर का नाम कंडी सुकुह है, जो मध्य और पूर्वी जावा प्रांतों की सीमा पर माउंट लावू (ऊंचाई 910 मीटर यानी 2,990 फीट)) के पश्चिमी ढलान पर स्थित है। इस प्राचीन मंदिर में एक ऐसा कलश मौजूद है, जिसमें एक द्रव्य हजारों सालों से मौजूद है। माना जाता है कि ये अमृत है, जो अभी तक सूखा नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन
3 of 5
कंडी सुकुह मंदिर, इंडोनेशिया
- फोटो : Social media
दरअसल, साल 2016 में इंडोनेशिया के पुरातत्व विभाग द्वारा इस मंदिर की मरम्मत का काम चल रहा था, तभी विशेषज्ञों को मंदिर की दीवार की नींव से एक तांबे का कलश मिला, जिसके ऊपर एक पारदर्शी शिवलिंग स्थापित था और कलश के भीतर कोई द्रव्य भरा हुआ था।
4 of 5
इंडोनेशिया के कंडी सुकुह मंदिर से मिला 'अमृत कलश'
- फोटो : Social media
शोध में पता चला कि तांबे के उस कलश को इस तरह से जोड़ा गया था कि उसे कोई खोल न सके। एक और बात जो सबसे हैरान करने वाली थी, वो ये कि जिस दीवार की नींव से वो कलश मिला था, उसपर समुद्र-मंथन की नक्काशी थी और महाभारत के आदिपर्व का वर्णन किया गया था।
विज्ञापन
5 of 5
कंडी सुकुह मंदिर, इंडोनेशिया
- फोटो : Social media
ऐसा माना जाता है कि तांबे का वो कलश 1000 ईसा. पूर्व का है, जबकि मंदिर 1437 ईसा. पूर्व के आसपास बनाया गया था। इस काल में मलेशिया पूरी तरह से हिंदू राष्ट्र हुआ करता था, लेकिन 15वीं सदी में जब इंडोनेशिया में इस्लाम का वर्चस्व हुआ तो इस मंदिर को ध्वस्त कर दिया गया। माना जाता है कि उसी समय तांबे के उस कलश को इस मंदिर में छुपा दिया गया होगा।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे| Get all Bizarre News in Hindi related to Weird News - Bizarre, Strange Stories, Odd and funny stories in Hindi etc. Stay updated with us for all breaking news from Bizarre and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।