Bermuda Triangle: बरमूडा ट्रायंगल लंबे समय से एक रहस्य बना हुआ है। कई रिसर्च के बाद भी वैज्ञानिक इसके रहस्य का पता का नहीं लगा पाए हैं। इस बीच न जाने कितने जहाज और एयरक्राफ्ट इसके भीतर रहस्यमयी ढंग से गायब हो चुके हैं। ये जगह उत्तर अटलांटिक महासागर में स्थित ब्रिटेन का प्रवासी क्षेत्र है। यह संयुक्त राज्य अमेरिका के पूर्वी तट पर मियामी (फ्लोरिडा) से सिर्फ 1770 किलोमीटर और हैलिफैक्स, नोवा स्कोटिया, (कनाडा) के दक्षिण में 1350 किलोमीटर (840 मील) की दूरी पर स्थित है।
अब इस बीच एक वैज्ञानिक ने दावा किया है कि उसने बरमूडा ट्रायंगल के रहस्य को सुलझा लिया है। इस ऑस्ट्रेलियाई वैज्ञानिक का नाम कार्ल क्रुजेलनिकिक है। उनका कहना है कि पानी में कई विमान और जहाज गायब हुए हैं। लेकिन वह कैसे लापता हो गए इसके कोई सबूत नहीं हैं। आइए जानते हैं वैज्ञानिक ने अपने खुलासे में बरमूडा ट्रायंगल को लेकर क्या-क्या कहा है?
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वैज्ञानिक ने खोला बरमूडा ट्रायंगल का रहस्य
- फोटो : iStock
ऑस्ट्रेलियाई वैज्ञानिक ने कहा है कि विमान और जहाजों के लापता होने का एलियंस बेस या अटलांटिस के खोए शहर से कोई लेना देना नहीं है। उनका कहना है कि मानवीय गलतियां और खराब मौसम की वजह से बरमूडा ट्रायंगल में बड़ी संख्या में जहाज और विमान लापता हुए हैं। उनका कहना है कि इससे ज्यादा और कुछ भी नहीं है।
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बरमूडा ट्रायंगल को डेविल्स ट्रायंगल भी कहा जाता है। समुद्र में यह 700,000 वर्ग किलोमीटर का एक व्यस्त क्षेत्र है जिसकी वजह से यहां पर हादसे ज्यादा होते हैं। वैज्ञानिक का कहना है कि बरमूडा ट्रायंगल के भूमध्य रेखा के पास होने और अमेरिका से नजदीक होने पर यहां ट्रैफिक ज्यादा रहता है।
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ऑस्ट्रेलियाई वैज्ञानिक कार्ल क्रुजेलनिकिक ने अपने दावे को साबित करने के लिए अमेरिकी तटरक्षक और Lloyd’s of London के आंकड़े का हवाला दिया है। उनका कहना है कि इनके आंकड़े के मुताबिक, बरमूडा ट्रायंगल में दुनिया में किसी भी जगह पर विमान क्रैश होने का प्रतिशत समान ही है।
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उन्होंने फ्लाइट-19 के लापता हुए पांच विमानों के खोने के रहस्य से भी पर्दा उठाया। इन जहाजों के गायब होने के बाद ही बरमूडा ट्रायंगल को रहस्यमयी कहा जाने लगा। उन्होंने कहा कि वास्तविकता यह है कि 15 मीटर ऊंची उठी लहरों ने विमानों पर गहरा असर डाला।