Cheetah vs Lion: भारत में साल 1947 में आखिरी बार चीता को देखा गया था जिसके बाद भारत सरकार ने साल 1952 में चीतों को विलुप्त घोषित कर दिया था। लेकिन अब लंबे समय बाद एक बार फिर देश में चीते देखने को मिलेंगे। भारत के जंगलों में अभी तक हमें शेर, बाघ और तेंदुए जैसे खतरनाक जानवर देखने को मिलते थे, लेकिन अब अफ्रीकी देश नामीबिया से आठ चीते भारत लाए गए हैं जिनमें पांच मादा हैं और तीन नर।
Cheetah vs Lion: आखिर चीते और शेर में क्यों है दुश्मनी? जानिए कौन होता है ज्यादा ताकतवर
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दुनिया में चीता सबसे तेज दौड़ने वाला जानवर है। आमतौर पर चीता 110 से 112 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से दौड़ लगाता है, लेकिन इसकी दौड़ने की अधिकतम रफ्तार 120 किमी प्रतिघंटे हो सकती है। लेकिन चीता अधिकतम गति में सिर्फ एक मिनट दौड़ पाता है।
चीतों के बारे में तो आपने अब तक बहुत कुछ पढ़ और जान लिया होगा। लेकिन अगर शेर और चीते के बीच लड़ाई होगी तो जीत किसकी होगी? चीते और शेर के बीच जंग की वजह बेहद खास है। शेर सोचता है कि अगर चीता जीवित रहा तो उसका शिकार खा जाएगा और चीता को लगता है कि शेर जीवित रहा तो वो उसका शिकार खा जाएगा।
जंगल का राजा शेर बेहद ताकतवर होता है और मौका मिलते है चीता का शिकार कर सकता है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, जगंल में रहने वाले दोनों जानवर एक दूसरे को पसंद नहीं करते हैं। मौका मिलते ही चीते को शेर मार सकता है और शेर को चीता मार सकता है। ऐसे में चीते और शेर के बीच मारने के लिए लड़ाई शुरू हो जाती है।
शेर और चीते एक दूसरे को अपना दुश्मन मानते हैं। लकड़बग्घे को शेर मार देता है और लकड़बग्घा मौका मिलते हैं शेर के बच्चों का मार देता है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि शेर चीते और लकड़बग्घे को मारने बाद खाता नहीं है। वह सिर्फ उनको इसलिए मारता है, क्योंकि उनको अपना दुश्मन मानता है।