इस समय माइक्रोप्लास्टिक (Microplastics) वैज्ञानिकों के लिए नया सिरदर्द बना हुआ है। महासागरों की गहराइयों में मौजूद ये माइक्रोप्लास्टिक ना केवल समुद्री जीवन को नुकसान पहुंचा रहे हैं, बल्कि समुद्री भोजन के जरिए ये इंसानों के लिए भी संकट बना हुआ है। ये माइक्रोप्लास्टिक महासागरों में इतने व्यापक रूप में फैल रहा है कि पर्यावरणविदों के लिए ये बड़ी चिंता का विषय हो गया है। ऐसे में चीन के वैज्ञानिक इसका समाधान लेकर सामने आए हैं। दरअसल. चीन के वैज्ञानिकों ने ऐसी रोबोट मछलियां (Robot Fish) तैयार की हैं, जो माइक्रोप्लास्टिक को खा सकती हैं और कभी प्रदूषित महासागरों (Marine Pollution) को साफ करने में सहायक साबित हो सकती हैं। जी हां, ये एक बायोनिक रोबोट होती हैं, जिनका आकार और गतिविधि किसी जिंदा मछलियों के जैसी ही होती है। एक रिपोर्ट्स के मुताबिक वैज्ञानिकों ने करीब 40 प्रकार की अलग-अलग मछलियां विकसित की हैं। इनमें से डिजाइन की गई 30 मछलियों में केवल पानी में तैरने और पलटने की क्षमता होगी।
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Chinese Robot Fish: महासागरों में जमा माइक्रोप्लास्टिक से छुटकारा दिलाएंगी चीन की रोबोट मछलियां, जानिए कैसे
Fri, 15 Jul 2022 02:44 PM IST
ज्योति मेहरा
फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: ज्योति मेहरा
Updated Fri, 15 Jul 2022 02:44 PM IST
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चीन की रोबोट मछलियां (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : istock
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चीन की रोबोट मछलियां (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : istock
वहीं दक्षिण पश्चिम चीन की सिचुआन यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने कुछ विशेष रोबोट मछलियों को तैयार किया है, जो अन्य रोबोट मछलियों से हटकर हैं। इनमें खास बात ये है कि ये जीवित मछलियों की तरह ही छूने में भी नाजुक होती है, जिनकी लंबाई केवल 1.3 सेंटीमीटर या आधा इंच होती है। ये भी माइक्रोप्लास्टिक को खाने में सक्षम हैं।
चीन की रोबोट मछलियां (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : istock
माइक्रोप्लास्टिक से छुटकारा दिला सकती हैं
दरअसल रोबोट मछलियां माइक्रोप्लास्टिक को अवशोषित करती हैं और उन्हें उथले पानी में ही रखती हैं, जिसकी मदद से वे महासागरों में दूर गहराई तक नहीं जा पाते हैं। शोधकर्ताओं का लक्ष्य मछलियों को माइक्रोप्लास्टिक इकट्ठा करने में सक्षम बनाना था। ताकि, वह गहरे पानी में जाकर माइक्रोप्लास्टिक निकाल सकें, जो फिलहाल असंभव है।
दरअसल रोबोट मछलियां माइक्रोप्लास्टिक को अवशोषित करती हैं और उन्हें उथले पानी में ही रखती हैं, जिसकी मदद से वे महासागरों में दूर गहराई तक नहीं जा पाते हैं। शोधकर्ताओं का लक्ष्य मछलियों को माइक्रोप्लास्टिक इकट्ठा करने में सक्षम बनाना था। ताकि, वह गहरे पानी में जाकर माइक्रोप्लास्टिक निकाल सकें, जो फिलहाल असंभव है।
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चीन की रोबोट मछलियां (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : istock
अन्य जानकारी भी दे सकती हैं मछलियां
ये मछलियां केवल प्लास्टिक जमा करने में ही नहीं, बल्कि समुद्री प्रदूषण से संबंधी बहुत सारी जानकारी भी उपलब्ध कराने में काम आ सकती हैं। शोधकर्ताओं के मुताबिक, इन्हें छोटे रूप में भी विकसित किया गया है, ताकि इनका कई प्रकार से उपयोग किया जा सके।
ये मछलियां केवल प्लास्टिक जमा करने में ही नहीं, बल्कि समुद्री प्रदूषण से संबंधी बहुत सारी जानकारी भी उपलब्ध कराने में काम आ सकती हैं। शोधकर्ताओं के मुताबिक, इन्हें छोटे रूप में भी विकसित किया गया है, ताकि इनका कई प्रकार से उपयोग किया जा सके।
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चीन की रोबोट मछलियां (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : istock
रोबोट मछलियां शरीर के कुछ हिस्से में जाकर कुछ बीमारियों का इलाज तक कर सकती हैं। साथ ही ये अपनी लंबाई के 2.76 गुना प्रति सेकेंड की रफ्तार से तैर सकती हैं। इनकी एक और खास बात ये है कि ये प्रदूषकों को अवशोषित करने के साथ-साथ इसके अधिक खराब होने पर प्रदूषण के दुष्प्रभाव से खुद उभारने में भी सक्षम होती है।