Death of the Sun: अंतरिक्ष में आए दिन कई घटनाएं ऐसी होती हैं जिनके बारे में जानकर वैज्ञानिक भी हैरत में पड़े जाते हैं। वैज्ञानिकों ने अब रिसर्च के आधार पर भविष्यवाणी की है कि सूर्य की मौत कब होगी? अंत के बाद यह कैसा नजर आएगा? इस रिसर्च में यह भी जानकारी मिली है कि जब यह घटना घटेगी, तो क्या धरती पर इंसान रहेंगे या नहीं? क्या इस घटना से पहले ही धरती नष्ट हो जाएगी। वैज्ञानिकों के रिसर्च के मुताबिक, अंत से पहले सूर्य बहुत अधिक गर्म और चमकदार हो जाएगा।
Death of the Sun: वैज्ञानिकों ने की सूर्य की मौत की भविष्यवाणी, जानिए कब और कैसे होगा सूरज का अंत
सूरज की अहमियत को समझते हुए वैज्ञानिक काफी लंबे से इस तारे के बारे में अधिक से अधिक जानकारी हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं। वैज्ञानिक अब जानने की कोशिश कर रहे हैं कि सूरज की उत्पत्ति कैसे हुई? इसके ऊर्जा की उम्र कितनी है? हर तारे की एक उम्र तय है?
जानिए कैसे हुआ सूर्य का जन्म
नेशनल ज्योग्राफिक की रिपोर्ट के अनुसार, करीब 4.5 अरब साल पहले हीलियम और हाइड्रोजन से बने एक आणविक बादल से सूरज के बनने की शुरुआत हुई थी। वैज्ञानिकों का मानना है कि सुपरनोवा से सूरज के नजदीक एक बेहद शक्तिशाली शॉकवेव उत्सर्जित हुआ जो उस आणविक बादल के संपर्क में आया और उसकी शक्ति से वह चार्ज हो गया। इस प्रक्रिया की वजह से सूरज की उत्पत्ति हुई है।
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धरती से करीब 15 करोड़ किलोमीटर दूर सूरज स्थित है। एक रिपोर्ट के अनुसार, पांच अरब साल बाद सूरज की मौत होगी। इस समय सूरज की आधी उम्र बीत चुकी है। वैज्ञानिकों ने उम्मीद जताई है कि सूर्य लाल तारे में परिवर्तित हो जाएगा। उनके मुताबिक, सूरज का कोर सिकुड़ जाएगा और इस प्रक्रिया में अपने ग्रह धरती को घेरते हुए सूरज की बाहरी परतें मंगल की कक्षा तक पहुंच जाएगी।
मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं को साल 2018 में एक रिसर्च में पता चला था सूरज 90 फीसदी तारों की तरह सिकुड़ कर सफेद बौना तारा बन जाएगा। शोधकर्ताओं के मुताबिक, सूर्य की जब ऐसी स्थित होगी, उस समय तक धरती पर इंसान नहीं बचेगा।