Earth Rotation: धरती अपनी धुरी पर करीब 1000 माइल प्रति घंटे की रफ्तार से घूमती है। धरती को अपना एक चक्कर पूरा करने में 23 घंटे 56 मिनट और 4.1 सेकेंड लगते हैं। यही वजह है कि धरती के एक भाग पर दिन और दूसरे पर रात होती है। क्या आपने सोचा है कि कभी धरती घूमना बंद कर दे तो क्या होगा? दिन रात पर असर पड़ेगा और इसके साथ ही ग्रह पर भयावह स्थित देखने को मिल सकती है जिसकी कल्पना भी नहीं जा सकती है।
Earth Rotation: धरती घूमना बंद कर दे तो क्या होगा? वैज्ञानिकों की इस नई रिपोर्ट ने मचाई हलचल
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नेचर जियोसाइंस में प्रकाशित अध्ययन के मुताबिक, विश्व स्तर पर सुसंगत पैटर्न से जानकारी मिली है कि इनर-कोर रोटेशन रुका हुआ था। आंतरिक कोर ने साल 2009 में घूमना बंद कर दिया था और अब अपने घूमने की दिशा को बदल लिया है। अध्ययन में बताया गया है कि दिन की लंबाई में बदलाव से कोर का घूमना प्रभावित होता है। धरती अपने अक्ष पर घूमने में जितना समय लेती है, उसमें थोड़ा बदलाव हो सकता है।
चीन के पेकिंग विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं का कहना है कि उनको पता चला है कि आंतरिक कोर का घूमना साल 2009 के करीब बंद कर दिया और अपने घूमने की दिशा बदल ली। उनका कहना है कि हम मानते हैं कि धरती की सतह के सापेक्ष, आगे और पीछे, एक झूले की तरह है। उनका कहना है कि झूले का चक्र करीब सात दशक का होता है। इसका मतलब यह है कि करीब हर 35 साल में यह अपनी दिशा बदल लेता है।
पेकिंग विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने बताया कि इससे पहले 70 के देशक की शुरुआत में धरती की दिशा में बदलाव हुआ था। उन्होंने भविष्यवाणी की थी कि अब साल 2040 के मध्य इसकी दिशा में बदलाव होगा।
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धरती घूमना बंद कर दे तो क्या होगा?
धरती अपनी धूरी पर घूमती रहती है, लेकिन हमें इसका एहसास नहीं होता है। ऐसा इसलिए क्योंकि हम भी इसके साथ घूमते हैं। धरती के घूमने पर कई शोध किए गए हैं जिसमें अलग-अलग बातें कही गई हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, अगर धरती घूमना बंद कर दे तो ग्रह पर प्रलय जैसे हालात उत्पन्न हो जाएंगे। इसकी वजह से धरती के आधे हिस्से में अधिक गर्मी हो जाएगी और आधे भाग पर सर्दी। इससे जीव-जन्तु प्रभावित होंगे और इसके परिमाण भयानक होंगे। एक मीडिया रिपोर्ट में एक वैज्ञानिक के हवाले से बताया गया है कि अगर यह घटना घटती है, तो संभावना है कि हर किसी की मौत हो जाए।