Work From Home: कोरोना काल में अधिकतर कंपनियों ने अपने कर्मचारियों को घर से काम करने के लिए कहा था। अभी भी कई कंपनियों के कर्मचारी वर्क फ्रॉम होम (Work From Home) कर रहे हैं। इस दौरान कंपनियों ने अपने कर्मचारियों के लिए कुछ नियम बनाए जिनका उनको पालन करना था। अब एक ऐसा ही चौंकाने वाला मामला सामना आया है। वर्क फ्रॉम होम के दौरान एक कर्मचारी ने कंपनी के एक नियम को मानने से इंकार कर दिया जिसके बाद उसे अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा।
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दअसरल इस अमेरिका की कंपनी की पॉलिसी थी कि कर्मचारी अपने ऑफिस टाइम के दौरान वेबकैम ऑन कर ही काम करेंगे। लेकिन एक कर्मचारी ने इससे निजता का उल्लंघन बताया और वेबकैम ऑन करके काम करने से मना कर दिया। इसके बाद कंपनी ने कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया।
एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, नीदरलैंड के रहने वाले कर्मचारी ने फ्लोरिडा स्थित टेलिमार्केटिंग कंपनी Chetu में साल 2019 से नौकरी कर रहा था। कंपनी उसे 59 लाख रुपये का पैकेज दे रही थी। नौकरी के एक साल बीते जाने के बाद कंपनी ने कर्मचारी को एक वर्चुअल ट्रेनिंग प्रोग्राम में शामिल होने के लिए कहा। इसके साथ ही वर्क फ्रॉम होम के दौरान कर्मचारी को हर दिन 9 घंटे वेबकैम ऑन रखने के लिए कहा और स्क्रीन-शेयरिंग भी चालू रखने का आदेश दिया।
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कंपनी के इस फरमान से कर्मचारी सहमत नहीं हुआ और उसने इसे निजता का उल्लंघन बताया। इसके बाद कपंनी ने उसे Refusal to Work का आरोप लगाकर नौकरी से बाहर का रास्ता दिखा दिया। कर्मचारी ने कहा कि मैं 9 घंटे कैमरे से निगरानी किए जाने से सहज नहीं हूं जो मेरी निजता का उल्लंघन है जिसकी वजह से मेरा कैमरा बंद है। कर्मचारी ने कंपनी से कहा कि आप लैपटॉप पर सभी गतिविधियों पर नजर रख सकते हैं।
नौकरी से निकाले जाने के बाद कर्मचारी कोर्ट पहुंच गया और कंपनी से हर्जाने की मांग की। सुनवाई के बाद कोर्ट ने कर्मचारी के पक्ष में फैसला सुनाया है और कंपनी को 60 लाख रुपये हर्जाना देने का निर्देश दिया। इसके साथ ही कोर्ट ने कंपनी से इस नियम को खत्म करने का आदेश दिया है।