Hanging Coffins: वैज्ञानिकों ने प्रागैतिहासिक काल के एक रहस्य का खुलासा किया है। इस खुलासे के बारे में जानकर आप हैरान हो जाएंगे। प्रागैतिहासिक काल में एक जातीय समूह लंबे समय तक के लिए अपने मृतकों को ताबूतों में बंदकर पहाड़ों पर लटका देता था। वैज्ञानिकों ने इस पर वर्षों तक शोध किया है, जिसका बाद उन्होंने दावा किया है कि इस प्रथा का पालन करने वाले प्राचीन लोगों के वंशन अभी जीवित हैं।
Hanging Coffins: क्या है पहाड़ों पर लटकते ताबूतों में रखे शवों का रहस्य? वैज्ञानिकों ने सदियों बाद किया खुलास
Hanging Coffins: वैज्ञानिकों ने पहाड़ों पर लटकते ताबूतों को लेकर चौंकाने वाला खुलासा किया है। उन्हों इस रहस्य को जानने के लिए लंबे समय तक शोध किया। शोध के मुताबिक, इस प्रथा का पालन करने लोगों के वंशज आज भी जीवित हैं।
क्या हुआ है प्राचीन जनजातीय समूह के बारे में खुलासा?
- शोध में प्राचीन जनजातीय समूह और उसके वंशजों में गुप्त आनुवंशिक संबंध का खुलासा हुआ है, जो प्रागैतिहासिक समूह वाले क्षेत्र में रहते हैं। इससे उस भूमि पर रहने वाले लोगों के जीवन और उनकी प्रागैतिहासिक प्रथाओं से जुड़े कई सवालों के जवाब खोजने में भी मदद मिली है।
- वैज्ञानिकों को जानकारी मिली थी कि प्राचीन सभ्यता के लोग अपने मृतकों को ताबूतों में रखकर ऊंचे पहाड़ों पर चट्टानों से लटका देते थे।
- एक रिपोर्ट के मुताबिक, शोधकर्ताओं ने आनुवंशिक अध्ययन किए और उन्हें पता चला कि इन विचित्र अंत्येष्टि प्रथाओं का पालन करने आज भी किसी न किसी रूप में उस इलाके में जिंदा हैं।
कब रहस्य का हुआ खुलासा?
- बीते महीने इस रहस्य का खुलासा हुआ है। अध्ययन नेचर कम्युनिकेशंस पत्रिका में प्रकाशित हुआ है।
- अध्ययन में बताया गया है कि लटकते ताबूत पर शोध के परिणाम इस दफन प्रथा की आनुवंशिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक जड़ों के बारे में बहुमूल्य जानकारी देते हैं।
- माना जाता है कि ये प्रथाएं नवपाषाण युग से चली आ रही थीं और कुछ सौ साल तक यह परंपरा चलती रही थी।
- चीन और दक्षिणपूर्व एशिया के आसपास पहाड़ों पर सैकड़ों ऐसे ताबूतों की खोज हुई है औक हर मामले का पूरी तरह से दस्तावेजीकरण करने की कोशिश 1995 में शुरू हुई थी।
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क्या है परंपरा के पीछे की सच्चाई?
- पहले सिर्फ अनुमान लगाया गया था कि बो जनजाति इस प्रथा का पालन करती थी। शोधकर्ताओं को परंपरा के पीछे की सच्चाई और शुरुआत को लेकर ठोस सबूत नहीं मिल पाए थे।
- ताबूतो में छोड़ गए 11 शवों की जांच की गई, जिससे आनुवंशिकी के इतिहास का खुलासा हुआ। 2000 वर्ष पुराने शव थे। जांच में पता चला कि यह प्रथा पीढ़ियों से चली आ रही थी।
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शोध के परिणामों से हुआ बड़ा खुलासा
- शोध के परिणामों से जानकारी मिली कि ताबूतों के नमूनों का डीएनए आधुनिक बो जातीय समूह से मेल खा रही था, जो करीब 4,500 वर्ष पूर्व इस इलाके जुड़े थे। यह नवपाषाण काल था।
- वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि ये स्थल जितने ऊंचे होते थे, मृतकों के लिए उतना शुभ माना जाता था। इसके साथ ही जिनके ताबूत जमीन पर गिरते थे, उन्हें अधिक भाग्यशाली या उनके परिवार के लिए शुभ माना जाता था।