Heatwave Alert: दुनिया में बढ़ते तापमान ने वैज्ञानिकों की चिंता बढ़ा दी है। भारत के कई इलाकों में अप्रैल के महीने में ही गर्मी रिकॉर्ड तोड़ रही है। भयानक गर्मी को लेकर लोगों के बीच बहस छिड़ गई है। लोगों का सवाल है कि आखिर गर्मी में इतनी तेजी और इतना पहले क्यों आ गई। कई लोग पेड़ों और जंगलों की कमी को भयानक गर्मी के लिए जिम्मेदार मान रहे हैं। तो आइए जानते हैं कि पेड़ों की कमी की वजह से इतनी तेज गर्मी है।
Heatwave Alert: क्यों अप्रैल में पड़ रही प्रचंड गर्मी? आखिर क्या है इतनी तीव्रता की वजह
Heatwave Alert: भारत के कई इलाकों में अप्रैल के महीने में ही भीषण गर्मी पड़ रही है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, मध्य प्रदेश और विदर्भ जैसे इलाकों में अभी तापमान 42 से 47 डिग्री तक चला गया है।
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पेड़ों को लेकर सोशल मीडिया पर बहस
सोशल मीडिया पर लोग पेड़ों की कमी को लेकर बहस कर रहे हैं। भारत में हर व्यक्ति सिर्फ 28 पेड़ हैं, तो दुनिया में औसत 422 है। यह आंकड़ा काफी पुराना है, लेकिन इसको लेकर चर्चा कर रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि जंगलों की कटाई और शहरीकरण से जंगल कम हो गए, जिसकी वजह से गर्मी पड़ रही है।
भारत में वन क्षेत्र की कैसी है स्थिति?
संयुक्त राष्ट्र के वैश्विक वन संसाधन आकलन (GFRA) 2025 की रिपोर्ट के मुताबिक, वन क्षेत्र बढ़ाने में भारत वैश्विक स्तर पर तीसरे स्थान पर है। कुल वन क्षेत्र में दुनिया में भारत नौवें नंबर पर है। भारत सरकार का आंकड़ा कहता है कि वन और ट्री कवर कुल भूमि का 25.17 फीसदी है। बीते कुछ वर्षों में भारत में वन क्षेत्र बढ़ाने में शानदार काम हुआ है। लेकिन कुछ पुराने घने जंगल कम घने हुए हैं। अगर देखा जाए तो सकारात्मक प्रभाव रहा है।
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क्यों गर्मी का भारत पर कम प्रभाव पड़ा है?
दुनिया में हर देश का औसत तापमान बीते कई वर्षों में 1 से 1.5 डिग्री प्रति दशक बढ़ा हैं, तो वहीं भारत में सिर्फ 0.5 से 1 डिग्री प्रति दशक तापमना बढ़ा है। ग्लोबल वार्मिंग में दुनिया के कई देशों की तुलना में भारत कम गर्म हुआ है। जलवायु वैज्ञानिक भी इस तथ्य को मानते हैं। भारत ने बीते 10 से 15 वर्षों में शहरों में पेड़ों की संख्या बढ़ाया है और जंगलों की रक्षा की है। पर्यावरण संरक्षण के काम हुआ है।
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क्यों पड़ रही अप्रैल में इतनी भीषण गर्मी?
अप्रैल में कई वजहों से इतनी तेज गर्मी पड़ रही है, जिनमें प्राकृतिक मौसम चक्र, शहरी गर्मी और ग्लोबल वार्मिंग का प्रभाव शामिल है। पेड़ों की कमी जरूर एक समयस्या है, लेकिन पूरी तरह यह सच नहीं है। भारत में वन क्षेत्र बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण में अच्छ काम किया गया है।

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