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Red Lightning: आसमान में दिखी रहस्यमयी कड़कती बिजली, जानिए क्या है इसके पीछे की वजह

फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: धर्मेंद्र सिंह Updated Sat, 16 Jul 2022 12:57 PM IST
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Know These Scientific Reasons Behind Red Lightning in the Sky All Details in Hindi
आसमान में दिखी रहस्यमयी कड़कती बिजली - फोटो : Twitter @RadioFlum
Red Lightning: हम सभी ने बारिश के दौरान कभी न कभी आसमान में बिजली कड़कते हुए देखा होगा। आसमान में कड़कती बिजली सफेद, पीली या कभी हल्के नीले रंग की नजर आती है। लेकिन क्या आपने कभी लाल रंग की बिजली कड़कते हुए देखा है। कुछ दिनों पहले वैज्ञानिकों ने आसमान में लाल रंग की बिजली कड़कते देखा। वायुमंडल के ऊपर यह बिजली कड़क रही थी। 


आसमान में लाल रंग की कड़कने वाली बिजली को स्प्राइट (Sprite) कहा जाता है। इस रंग की बिजली बेहद संवेदनशील और तीव्र थंडरस्टॉर्म की वजह से कड़कती है। सामान्य तौर पर आकाशीय बिजली बादलों से धरती पर गिरती है, लेकिन स्प्राइट अंतरिक्ष की तरफ जाते हैं और वायुमंडल के ऊपरी भाग में चले जाते हैं। इनकी ताकत और तीव्रता बहुत ज्यादा होती है, लेकिन यह बहुत दुर्लभ होता है। तूफानी बादलों से ऊर्जा का प्रवाह अंतरिक्ष की तरफ होने की वजह से लाल रंग की बिजली कड़कती है। 
 
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Red Lightning - फोटो : iStock


जब लाल रंग की बिजली कड़कती है यानी स्प्राइट कुछ मिलिसेकेंड्स ही नजर आते हैं। इसलिए इसे देखना बेहद दुर्लभ और स्टडी करना बेहद मुश्किल होता है। अभी तक वैज्ञानिकों ने इस बारे जितना समझा है आइए उस बारे में जानते हैं। 

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Red Lightning - फोटो : iStock
जानिए क्या होती लाल रंग की कड़कती बिजली

लाल रंग की कड़कती बिजली के व्यवहार की वजह से वैज्ञानिकों ने इसका नाम स्प्राइट रखा है। यह स्ट्रैटोस्फेयर से निकलने वाले ऊर्जा के कण होते हैं। तीव्र थंडरस्टॉर्म के कारण पैदा होने वाले विद्युत प्रवाह से इन ऊर्जा के कणों का निर्माण होता है। 
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Red Lightning - फोटो : iStock


जब यह विद्युत प्रवाह बादलों के ऊपर आयनोस्फेयर में पहुंचता है, तो ऐसी रोशनी नजर आती है। यह जमीन से लगभग 80 किलोमीटर ऊपर होती है। यह आमतौर पर जेलीफिश या गाजर की तरह नजर आती है। इसकी औसत लंबाई-चौड़ाई 48 किमी होती है। इसकी लंबाई चौड़ाई कम या ज्यादा तीव्रता पर निर्भर करती है। 

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Red Lightning - फोटो : iStock

धरती से लाल रंग की कड़कती बिजली को देखना बेहद मुश्किल होता है। इसको ऊंचाई पर उड़ रहे जहाज या अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन से देखा जा सकता है। स्पेस स्टेशन पर रहने वाले अंतरिक्ष यात्रियों को अक्सर यह नजारा दिखता है। स्प्राइट्स थंडरस्टॉर्म के अलावा ट्रांजिएंट ल्यूमिनस इवेंट्स के कारण भी बनते हैं जिन्हें ब्लू जेट्स कहा जाता है। 

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