Red Lightning: आसमान में दिखी रहस्यमयी कड़कती बिजली, जानिए क्या है इसके पीछे की वजह
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जब लाल रंग की बिजली कड़कती है यानी स्प्राइट कुछ मिलिसेकेंड्स ही नजर आते हैं। इसलिए इसे देखना बेहद दुर्लभ और स्टडी करना बेहद मुश्किल होता है। अभी तक वैज्ञानिकों ने इस बारे जितना समझा है आइए उस बारे में जानते हैं।
लाल रंग की कड़कती बिजली के व्यवहार की वजह से वैज्ञानिकों ने इसका नाम स्प्राइट रखा है। यह स्ट्रैटोस्फेयर से निकलने वाले ऊर्जा के कण होते हैं। तीव्र थंडरस्टॉर्म के कारण पैदा होने वाले विद्युत प्रवाह से इन ऊर्जा के कणों का निर्माण होता है।
जब यह विद्युत प्रवाह बादलों के ऊपर आयनोस्फेयर में पहुंचता है, तो ऐसी रोशनी नजर आती है। यह जमीन से लगभग 80 किलोमीटर ऊपर होती है। यह आमतौर पर जेलीफिश या गाजर की तरह नजर आती है। इसकी औसत लंबाई-चौड़ाई 48 किमी होती है। इसकी लंबाई चौड़ाई कम या ज्यादा तीव्रता पर निर्भर करती है।
धरती से लाल रंग की कड़कती बिजली को देखना बेहद मुश्किल होता है। इसको ऊंचाई पर उड़ रहे जहाज या अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन से देखा जा सकता है। स्पेस स्टेशन पर रहने वाले अंतरिक्ष यात्रियों को अक्सर यह नजारा दिखता है। स्प्राइट्स थंडरस्टॉर्म के अलावा ट्रांजिएंट ल्यूमिनस इवेंट्स के कारण भी बनते हैं जिन्हें ब्लू जेट्स कहा जाता है।