Monsoon Delhi: दक्षिण-पश्चिमी भारतीय मानसून की केरल शुरुआत होती है, जिसके बाद देशभर में फैलता है। देश की राजधानी दिल्ली तक मानसून आमतौर 15 जून तक पहुंच जाता है, लेकिन 2026 में स्थिति बदली हुई है। आसमान में बादल आ रहे हैं, नमी भी बढ़ रही है, लेकिन सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि बारिश नहीं हो रही है। भयानक गर्मी से परेशान लोग सवाल कर रहे आखिर मानसून दिल्ली क्यों नहीं आ रहा है?
Monsoon Delhi: क्यों दिल्ली में बादल होने पर भी नहीं हो रही है बारिश? जानिए आखिर क्या है वैज्ञानिक वजह
Monsoon Delhi: देश की राजनाधी दिल्ली और आसपास इलाकों में इन दिनों भीषण गर्मी और उमस हो रही है। लोगों को बारिश का इंतजार है। दिल्ली में बादल हो रहे हैं, लेकिन बारिश नहीं हो रही है। आइए जानते हैं कि आखिर क्या वजह है?
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वैज्ञानिकों के अध्ययन में खुलासा हुआ है कि जब अल-नीनो आता है, तो भारत में औसत से कम बारिश होती है। दिल्ली और उत्तर भारत में इसका प्रभाव अधिक दिखता है। इस मौसमी घटना की वजह से वॉकर सर्कुलेशन में बदलाव आता है। इससे इंडोनेशिया-भारत इलाके में ऊंचा वायुमंडलीय दबाव बनता है, जिससे बारिश कम हो जाती है। इस बार अल-नीनो शक्तिशाली है, जो मानसून को रोक रहा है।
दिल्ली में बादल आ रहे हैं कि, लेकिन बारिश नहीं हो रही। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से मानसून की मुख्य नमी आती है। वर्तमान समय में इन इलाकों में समुद्री सतह का तापमान अपेक्षा से कम या अनियमित है। समुद्र के गर्म होने से वाष्पीकरण अधिक होता है, जिससे नमी बढ़ती है। अल-नीनो के अलावा इंडियन ओशन डाइपोल की नकारात्मक स्थिति या न्यूट्रल स्थिति नमी के प्रवाह को घटा रही है। निचले स्तर पर कुछ नमी पहुंचने कारण दिल्ली में बादल आ रहे है, लेकिन ऊपरी वायुमंडल में सूखी हवाएं या हाई प्रेशर सिस्टम घने बादलों का निर्माण नहीं होने दे रहा है। इसका नतीजा यह हो रहा है कि बादल बनते हैं, लेकिन बारिश नहीं होती है। इसे वैज्ञानिक भाषा में ड्राई स्पेल या ब्रेक मॉनसून कहा जाता है।
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क्यों है पश्चिमी विक्षोभ और जेट स्ट्रीम की भूमिका?
उत्तरी इलाके में वाले दिल्ली जैसे क्षेत्रों को पश्चिमी विक्षोभ भी प्रभावित करता है। यह मध्य एशिया से आने वाली ठंडी और नम हवा की प्रणालियां होती है। इस साल जेट स्ट्रीम की स्थिति सामान्य नहीं है।ऊपरी वायुमंडल में तेज हवाओं की पट्टी को जेट स्ट्रीम कहा जाता है। यह मौसमी सिस्टम्स को दिशा दिखाने का काम करती है। अल-नीनो की वजह से जेट स्ट्रीम उत्तर की ओर तरफ चली गई है। इससे विक्षोभ भी दिल्ली तक कम आ पा रहे हैं। इसके कारण देश की राजधानी और आसपास के इलाकों में तेज धूप, गर्मी और उमस तेज हो रही है। रात के समय बादल होने के कारण न्यूनतम तापमान भी बढ़ा हुआ है। बिना बारिश वाले बादलों की स्थिति से दिल्ली में गर्मी और उमस बढ़ रही है।
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जलवायु परिवर्तन
वैज्ञानिकों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के मानसून अनियमित हो रहा है। ग्लोबल वार्मिंग से समुद्र का तापमान बढ़ रहा है, लेकिन क्षेत्रीय पैटर्न में बदलाव हो रहा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, गर्म वातावरण अधिक नमी रख कर सकता है, लेकिन इसका वितरण असमान हो चुका है। कुछ इलाकों में भारी बारिश हो रही है और कुछ में सूखा पड़ रहा है। दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते शहरीकरण से भी परेशानी बढ़ रही है। कंक्रीट और इमारतें अधिक गर्मी सोखती है, जिससे लैंड-सी ब्रीज प्रभावित हो रहा है। इसके कारण स्थानीय स्तर पर बारिश के बादल देर से बनते हैं। भारतीय मौसम विभाग ने पहले ही कहा था कि इस वर्ष सामान्य से थोड़ी कम बारिश होने का अनुमान है।