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Earth: क्या है पृथ्वी की हार्टबीट और नब्ज का रहस्य? धरती के दिल धड़कने पर आता है प्रलय, जानिए कब आएगा

Mon, 12 May 2025 03:12 PM IST
धर्मेंद्र सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला
फीचर डेस्क, अमर उजाला Published by: धर्मेंद्र सिंह Updated Mon, 12 May 2025 03:12 PM IST
सार

Mystery of Earth: बेहद कम लोगों को पता होगा कि इंसान की तरह पृथ्वी की भी एक हार्टबीट यानी धड़कन है। पृथ्वी की यह धड़कन इंसान की तरह ही उसके जिंदा होने का सबूत है। एक अध्ययन में इस रहस्य का खुलासा हुआ है।

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Mystery of Earth Heartbeat and pulse What science says know scientific facts and hidden truths in Hindi
क्या है पृथ्वी की हार्टबीट और नब्ज का रहस्य? - फोटो : Freepik

Mystery of Earth: बेहद कम लोगों को पता होगा कि इंसान की तरह पृथ्वी की भी एक हार्टबीट यानी धड़कन है। पृथ्वी की यह धड़कन इंसान की तरह ही उसके जिंदा होने का सबूत है। एक अध्ययन में इस रहस्य का खुलासा हुआ है। कुछ साल पहले किए गए अध्ययन में कई नए खुलासे हुए थे। आइए जानते हैं कि आखिर क्या है रहस्य? 



अगर पृथ्वी और इंसान के अस्तित्व की तुलना की जाती है, तो मानव जीवन इसके आगे कुछ भी नहीं है। पृथ्वी की भी एक जिंदगी है और एक दिमाग है जो एक प्रकृति है और यह उसी के हिसाब से बर्ताव भी करती है। वैज्ञानिकों ने कहा है कि धरती पर कई ऐसी घटनाएं घटती हैं जिनके बारे में मानव के लिए अंदाजा लगाना भी मुश्किल है। इसको नियंत्रित करने के बारे में किसी को सोचना भी नहीं चाहिए। 
 

Mystery of Earth Heartbeat and pulse What science says know scientific facts and hidden truths in Hindi
क्या है पृथ्वी की हार्टबीट और नब्ज का रहस्य? - फोटो : Freepik

न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी के जियोलॉजिस्ट माइकल रैम्पिनो की धरती के रहस्यों के बारे में जानने की चाहत थी। इसके कारण उन्होंने अपनी टीम के साथ मिलकर धरती को लेकर एक अध्ययन किया। इसमें हैरान कर देने वाली जानकारियां सामने आईं। इस अध्ययन में खुलासा हुआ कि पृथ्वी की अपनी एक हार्टबीट और नब्ज भी है जो 27.5 मिलियन साल की हो चुकी है। 
 

Mystery of Earth Heartbeat and pulse What science says know scientific facts and hidden truths in Hindi
क्या है पृथ्वी की हार्टबीट और नब्ज का रहस्य? - फोटो : Freepik

इस अध्ययन से पता चलता है कि अब अगली बार धरती का दिल करीब 2 करोड़ साल बाद धड़केगा। इसका मतलब यह हुआ कि 2 करोड़ साल के बाद धरती पर फिर प्रलय आएगी। माइकल बताते हैं कि पृथ्वी पर घटने वाली छोटी-मोटी प्राकृतिक घटनाएं कोई आपदा नहीं हैं। बड़ी आपदा उस समय आएगी जब धरती का दिल धड़केगा और उसकी भूगर्भीय नसों में पल्स दौड़ेने लगेगा। 

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क्या है पृथ्वी की हार्टबीट और नब्ज का रहस्य? - फोटो : Freepik

कब आएगा प्रलय?

माइकल ने बताया है कि आकड़ों के मुताबिक, यह एक सामान्य भूगर्भीय प्रक्रिया है जो अचानक घटती है। कई भूगर्भीय हलचलों का एक दूसरे से संबंध होता है। जब सभी क्रम एक साथ जुड़ते हैं, तब उस समय धरती का दिल धड़कता है। यह उसी तरह है जैसे किसी इंसान की सांस अटक जाए और वह हाथ-पैर मारने लगे। ठीक वैसे ही धरती की भी धड़कन अटकी हैं जैसे ही एक बार पूरी होगी। भारी तबाही के बाद सबकुछ सही हो जाएगा।

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क्या है पृथ्वी की हार्टबीट और नब्ज का रहस्य? - फोटो : Freepik

माइकल और उनकी टीम की रिपोर्ट के मुताबिक, स्टडी में जानकारी मिली है कि जब धरती सांस लेती है, तो समुद्री और गैर-समुद्री जीवों का सामूहिक संहार होता है। सुनामी जैसी भयानक घटनाएं होती हैं। महाद्वीप तबाह हो जाते हैं और कुछ समुद्र में समा जाते हैं और कुछ अंदर से बाहर आ जाते हैं। पृथ्वी के चुंबकीय शक्ति में परिवर्तन आ जाता है। टेक्टोनिक प्लेट आपस में टकराकर या अलग होकर संतुलन बनाने की कोशिश करते हैं।

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