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Ajab-Gajab: जानिए क्या है भारत का लाल सोना, जिसके लिए तड़पता है चीन, रहस्य से अभी तक नहीं उठ पाया पर्दा

फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: धर्मेंद्र सिंह Updated Mon, 19 Dec 2022 10:51 AM IST
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क्या है भारत का 'लाल सोना (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Pixabay

लाल चंदन भारत में एक खास स्थान पर ही पाया जाता है। इसकी लकड़ी का विशेष महत्व है और इसका इस्तेमाल कई चीजों में किया जाता है। लाल चंदन का वैज्ञानिक नाम Pterocarpus santalinus है। यह आंध्र प्रदेश के जंगलों में पाया जाता है। चीन में इस रक्त चंदन के पेड़ की खास मांग है। इसके पेड़ की तस्करी भी बड़े स्तर की जाती है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इन चंदन के पेड़ों की सुरक्षा स्पेशल टास्क फोर्स के जवान करते हैं। 



रक्त चंदन के पेड़ आंध्र प्रदेश की शेषाचलम की पहाड़ियों में पाए जाते हैं। इसका हिंदू धर्म में विशेष महत्व है और इसे काफी पवित्र माना जाता है। चंदन की लकड़ी का पूजा में इस्तेमाल किया जाता है। सफेद चंदन में सुगंध होती, लेकिन रक्त चंदन में कोई सुगंध नहीं होती है, लेकिन यह गुणकारी होता है। औषधीय के साथ-साथ इसका इस्तेमाल सुंदरता के लिए भी होता है। 

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क्या है भारत का 'लाल सोना (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Pixabay

रक्त चंदन की लकड़ियों की मांग मंहगे फर्नीचर और सजावट के काम के लिए भी होती है। इसके अलावा रक्त चंदन की लकड़ी का शराब और कॉस्मेटिक्स में इस्तेमाल होता है। इंटरनेशनल मार्केट में चंदन की लकड़कियों की कीमत काफी ज्यादा है। इंटरनेशनल एग्रीमेंट के मुताबिक, लाल चंदन के पेड़ों की सुरक्षा की जिम्मेदारी भारत की है। 

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क्या है भारत का 'लाल सोना (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Pixabay

लाल चंदन के पेड़ आंध्र प्रदेश के चार जिलों, चित्तूर, कडप्पा, नेल्लोर, कुरनूल में फैली शेषाचलम की पहाड़ियों में पाए जाते हैं। आंध्र प्रदेश के ये जिले तमिलनाडु की सीमा से सटे हुए हैं। इसके पेड़ करीब 11 मीटर तक ऊंचे होते हैं, लेकिन इसका घनत्व अधिक होता है। लाल चंदन की लकड़ी की सबसे बड़ी पहचान है कि यह पानी में डूब जाती है। 

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क्या है भारत का 'लाल सोना (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Pixabay

लाल चंदन की तस्करी बड़े पैमान पर होती है। शेषाचलम की पहाड़ियां सवा दो लाख हेक्टेयर में फैली हैं। यहां पर पाए जाने वाले खास लाल चंदन के पेड़ों की संख्या 50 प्रतिशत तक कम हो चुकी है। साल 2015 में एनकाउंटर हुआ था जिसमें 20 तस्कर मारे गए थे। इसके अलावा बड़े पैमाने पर तस्करों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है। अगर कोई तस्करी करते हुए पाया जाता है, तो उसे 11 साल की जेल हो सकती है।

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तस्कर लाल चंदन की तस्करी सड़क, जल, वायु तीनों मार्ग से करते हैं। तस्कर पकड़े जाने से बचने के लिए इसके पाउडर की भी तस्करी करते हैं। दुनिया के कई देशों में इस खास चंदन के लकड़ी की मांग है, लेकिन इसकी सबसे ज्यादा मांग चीन में है। 

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