Planet Parade Ring Of Fire Solar Eclipse in February: खगोलीय घटनाओं में दिलचस्पी रखने वाले लोगों के लिए फरवरी का महीना बेहद खास होने वाला है। इस महीने अंतरिक्ष में कई रोमांचक खगोलीय घटनाएं घटने वाली हैं। इन होने वाली घटनाओं पर खगोलविदों ने नजर बनाकर रखी हुई है। इस महीने सूर्य ग्रहण लगेगा, जो एक वलयाकार ग्रहण होगा। इसे रिंग ऑफ फायर भी कहा जाता है। यह साल का पहला सूर्य ग्रहण होगा। इस महीने ग्रहों की परेड भी नजर आएगी।
Science News: आसमान में होंगी अद्भुत घटनाएं, ग्रहों की परेड से लेकर सूर्य ग्रहण तक, क्या भारत में आएगा नजर?
Science News: फरवरी महीन में कई खगोलीय घटनाएं होने वाली हैं, जिन पर खगोल वैज्ञानिकों की नजर हैं। इस महीने सूर्य ग्रहण लगेगा, जो एक वलयाकार ग्रहण होगा। इसे रिंग ऑफ फायर भी कहा जाता है। साथ ही ग्रहों की परेड भी देखने को मिलेगी।
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कब लगता है सूर्य ग्रहण?
पृथ्वी के सबसे नजदीक का सितारा सूर्य अपने स्थान पर स्थित है। सूर्य की पृथ्वी परिक्रमा करती है। चंद्रमा भी पृथ्वी की तरह सूर्य की परिक्रमा करता है, लेकिन चांद धरती का भी चक्कर लगाता है। कई बार चंद्रमा घूमते हुए सूर्य और पृथ्वी के बीच में आ जाता है। इससे कुछ समय के लिए सूर्य के प्रकाश को धरती पर आने से रोक देता है।
इस खोगलीय घटना को सूर्य ग्रहण कहा जाता है। इस दौरान चंद्रमा की परछाई धरती पर पड़ती है। इस खगोलीय घटना के समय जिस स्थान पर परछाई पड़ती है, वहां पर आसमान में सूर्य आधा या पूरा हिस्सा ढका नजर आएगा। साल का पहला सूर्य ग्रहण वलयाकार होगा और सूर्य रिंग ऑफ फायर की तरह दिखेगा।
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ग्रहों की परेड
फरवरी महीने के आखिरी में हमारे सौर मंडल के ग्रहों का एक शानदार नजारा दिखेगा। 28 फरवरी को रात को आसमान में ग्रहों की परेड नजर आएगा। आसमान में छह ग्रहों को एक लाइन में देखा जा सकेगा। सूर्यास्त के बाद शाम के आसमान में छह ग्रह बृहस्पति, यूरेनस, नेपच्यून, बुध, शनि और शुक्र एक लाइन में नजर आएंगे।
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ग्रहों की परेड का यह नजारा अमेरिका, कनाडा, मेक्सिको, यूरोप और ऑस्ट्रेलिया के साथ भारत में भी नजर आएगा। बुध, शुक्र, शनि और बृहस्पति को बिना किसी उपकरण के देख सकते हैं, जबकि यूरेनस और नेपच्यून के लिए दूरबीन की जरूरत पड़ेगी।