डॉ. शशांक द्विवेदी
यह शोध वीजमैन इंस्टीट्यूट इजराइल के वैज्ञानिकों ने किया है। इस शोध का नेतृत्व प्रोफेसर जैकब हन्ना ने किया। हन्ना के अनुसार, स्टेम कोशिकाओं को मिलाकर ऊतक के छोटे-छोटे गोले बनाए। इन्होंने खुद को ऐसी संरचनाओं में व्यवस्थित किया जो एक से दो सप्ताह पुराने मानव भ्रूणों में पाए जाने वाले सभी ज्ञात लक्षणों के समान दिखती है।
वैज्ञानिकों ने 14 दिन के मानव भ्रूण का एक मॉडल बनाने हेतु स्टेम सेल और रसायनों के संयोजन का उपयोग किया। इस सफलता से मानव जिंदगी की शुरुआती अवस्था के बारे में जानकारी मिल पाएगी।
Human Embryo: वैज्ञानिकों ने किया बड़ा कमाल, अब लैब में पैदा होंगे बच्चे..!
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इजरायल के वैज्ञानिकों ने शुक्राणु, अंडे या गर्भाशय का इस्तेमाल किए बिना प्रयोगशाला में स्टेम सेल से मानव भ्रूण का एक मॉडल बनाया है। यह भ्रूण के विकास के शुरुआती चरणों की एक अनूठी झलक पेश करता है। वीजमैन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस की टीम के अनुसार, यह मॉडल 14वें दिन के भ्रूण जैसा दिखता है। इसे मानव विज्ञान के क्षेत्र में बड़ा कदम माना जा रहा है।
अगर यह तकनीक आगे भी कामयाब होती है तो बच्चों को जन्म देने के लिए इंसानों की जरूरत नहीं होगी। हालांकि, इस मुकाम तक पहुंचने में अभी काफी समय लग सकता है।
जून में बोस्टन में इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर स्टेम सेल रिसर्च (आईएसएससीआर) की वार्षिक बैठक के दौरान प्री-प्रिंट सामने आने के बाद वैज्ञानिकों का काम नेचर जर्नल में प्रकाशित हुआ था। इजरायली टीम ने इस बात पर जोर दिया कि वे स्क्रैच से भ्रूण बनाने में सक्षम होने से अभी बहुत दूर हैं। इजरायली वैज्ञानिकों के टीम लीडर जैकब हन्ना ने कहा कि सवाल यह है कि एक भ्रूण मॉडल को कब भ्रूण माना जाता है? जब ऐसा होता है, तो हम नियमों को जानते हैं। फिलहाल हम वास्तव में उस बिंदु से बहुत दूर हैं।
जैकब हन्ना के अनुसार, यह काम गर्भधारण पर दवाओं के प्रभाव का परीक्षण करने, गर्भपात और आनुवांशिक बीमारियों को बेहतर ढंग से समझने और शायद प्रत्यारोपण ऊतकों और अंगों को विकसित करने के नए तरीकों का रास्ता खोल सकता है। हन्ना ने कहा कि यह आइडेंटिकल नहीं है।
इनमें मानव भ्रूण से काफी अंतर है, लेकिन फिर भी यह पहली बार है। अगर आप एटलस या किताब को खोलते हैं तो आप कह सकते हैं कि- हां मैं वास्तव में उनके बीच समानता को देख सकता हूं। उन्होंने कहा कि उनकी टीम ने वयस्क मानव त्वचा कोशिकाओं के साथ-साथ प्रयोगशाला में संवर्धित अन्य कोशिकाओं से प्राप्त स्टेम सेल को लिया। फिर कोशिकाओं को विभिन्न प्रकार की कोशिकाओं में विकसित होने की क्षमता के साथ प्रारंभिक अवस्था में वापस कर दिया।
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