Mars Mystery: मंगल ग्रह के रहस्यों को जानने के लिए वैज्ञानिक काफी लंबे समय से कोशिश कर रहे हैं। वैज्ञानिक मानते हैं कि मंगल ग्रह पर पानी मौजूद है। मंगल ग्रह का लाल रंग होने की वजह से लोगों के लिए आकर्षण है। हालांकि, सवाल है कि आखिर मंगल ग्रह लाल क्यों है? अब वैज्ञानिकों ने मंगल ग्रह के रंग को लेकर चौंकाने वाला खुलासा किया है।
Mars Mystery: वैज्ञानिकों ने मंगल ग्रह के इस रहस्य को लेकर किया चौंकाने वाला खुलासा, जानकर नहीं होगा यकीन
Mars Mystery: वैज्ञानिक मानते हैं कि मंगल ग्रह की सतह मौजूद जंग के रंग की धूल के वजह से उसका रंग लाग है, जिसे फेरिहाइड्राइट कहा जाता है। इसी धूल की वजह से मंगल ग्रह लाल दिखता है।
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क्यों लाल दिखता है मंगल?
इसके बाद मंगल ग्रह पर चलने वाली हवाओं की वजह से अरबों साल में आयरन ऑक्साइड पूरे ग्रह पर फैल गया और यह धूल में बदल गया। इसकी वजह से मंगल ग्रह लाल हो गया है। मंगल पर पानी तरल रूप में नहीं है। इसकी वजह से पहले वैज्ञानिक मानते थे कि इसका जंग-लाल रंग धूल में स्थित हेमेटाइट जैसे सूखे आयरन ऑक्साइड के कारण है। हालांकि, सैटेलाइट डेटा और प्रयोगशालाओं के विश्लेषण के अनुसार, मंगल ग्रह के लाल रंग के लिए फेरिहाइड्राइट एक बेहतर व्याख्या हो सकती है।
क्या है वैज्ञानिकों का बयान?
एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, लेखक एडोमास वैलंटिनस ने कहा कि मंगल ग्रह का रंग लाल क्यों है? इस प्रश्न पर सैकड़ों, अगर हजारों नहीं, सालों से विचार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अभी भी मंगल ग्रह लाल है। सवाल सिर्फ यह है कि मंगल ग्रह लाल क्यों है? इस बारे में हमारी समझ में बदलाव हुआ है।
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मंगल ग्रह की धूल के एक प्रमुख घटक के तौर फेरिहाइड्राइट की पहचान की गई है, जो मंगल ग्रह के अतीत और अलौकिक जीवन की संभावना के बारे में हमारी जानकारी बढ़ सकती है। एडोमास वैलंटिनस ब्राउन यूनिवर्सिटी में पृथ्वी, पर्यावरण और ग्रह विज्ञान विभाग में एक प्रमुख लेखक और पोस्टडॉक्टरल फेलो हैं।
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वैलंटिनस ने बताया कि मंगल ग्रह पर फेरिहाइड्राइट की मौजदूगी से पता चलता है कि लाल ग्रह पर मूल रूप से एक तरल जल वातावरण था, जो जीवन के लिए जरूरी है। अध्ययन के सह-लेखक जैक मस्टर्ड ने कहा कि शोध रहस्य पता लगाने में सहायता मिलेगी। नासा का पर्सिवियरेंस रोवर अब डेटा जुटा रहा है। जब वह धरती पर आएगा, तो वैज्ञानिक यह पुष्टि कर पाएंगे कि फेरिहाइड्राइट का विचार सही है या नहीं।