Longest Possible Walk: अगर आप धरती पर एक जगह से दूसरे जगह की यात्रा कर जा रहे हैं, तो क्या आप इस बात का अंदाजा लगा सकते हैं कि बिना कोई नदी या जलस्त्रोत पार किए कितनी दूर जा सकते हैं। शायद आप इस बात का अंदाजा नहीं लगा सकते हैं। हालांकि दुनिया में एक ऐसे रास्ते की खोज हुई है जिस रास्ते से पैदल यात्रा करने में कोई नदी या जलस्त्रोत नहीं है। इस बात पर आपको यकीन नहीं हो रहा होगा, लेकिन यह बिल्कुल सच है।
Longest Walk on Earth: ये है दुनिया का सबसे लंबा पैदल यात्रा मार्ग, इन 13 देशों से होकर गुजरता है रास्ता
एक प्रतियोगी हैं जिन्होंने सबसे लंबी पैदल यात्रा की है। इन्होंने साल 2020 में दक्षिण अफ्रीका के केप टाउन से यात्रा की शुरुआत थी। उन्होंने अपनी यात्रा पूरी करने के लिए गूगल मैप की मदद ली थी। इस प्रतियोगी ने रूस के मागाडान पहुंचने के लिए 22,104 किलोमीटर की दूरी तय की। लेकिन इनका नाम गोपनीय रखा गया है।
इस रास्ते में नहीं है कोई नदी या बड़े जलस्रोत
इस रिपोर्ट में बताया गया है कि अगर आप बिना कोई नदी या जलस्रोत पार किए सीधी रेखा में जाना चाहते हैं, तो चीन से पुर्तगाल तक की यात्रा कर सकते हैं। आयरलैंड के कॉर्क स्थित कोलिंस एयरोस्पेस एप्लाइड रिसर्च एंड टेक्नोलॉजी के फिजिसिस्ट, इलेक्ट्रिकल इंजीनियर रोहन चाबुकश्वर और नई दिल्ली स्थित आईबीएम रिसर्च के इंजीनियर कुशल मुखर्जी ने साल 2018 में इस रास्ते को खोजा था। रोहन और कुशल की रिपोर्ट के मुताबिक, इस सीधी रेखा से पैदल यात्रा करने पर करीब 11,240 किलोमीटर लंबी दूरी तय करनी होगी। इस रास्ते में आपको किसी भी नदी या जलस्रोत को पार नहीं करना होगा।
दक्षिण-पूर्वी चीन से इस रास्ते की शुरुआत होती है। इस रास्ते में 13 देश पड़ते हैं जिनमें मंगोलिया, कजाकिस्तान, रूस, बेलारूस, यूक्रेन, पोलैंड, चेक गणराज्य, जर्मनी, ऑस्ट्रिया, लींचस्टेनटीन के अलावा स्विट्जरलैंड, फ्रांस, स्पेन और पुर्तगाल के सैगरेस का इलाका शामिल हैं। यह रिपोर्ट साल 2018 में arXiv प्रीप्रिंट डेटाबेस में प्रकाशित की गई थी।
सीधी रेखा में यात्रा करना है कठिन
स्मिथसोनियन इंस्टीट्यूशन के जीआईएस कॉर्डिनेटर और चीफ कार्टोग्राफर डैन कोल का कहना है कि इस रास्ते की खोज एक रीक्रिएशनल कार्य है और रोहन और कुशल ने अपनी रिपोर्ट में यह बात बताई है। आप किसी गोल ग्रह पर सीधा रेखा में यात्रा नहीं कर सकते हैं। अगर इस रास्ते को देख जाए, तो ये भी गोलाकार हो जाता है। लेकिन ये दुनिया का सबसे लंबा पैदल यात्रा मार्ग है और इस रास्ते में एक भी नदी या जलस्रोत नहीं हैं।