जब निवेश की बात आती है तो अच्छी चीजें अक्सर उनके साथ नहीं होती, जो इंतजार करते हैं। जितनी जल्दी निवेश किया जाए, उतना ही ज्यादा अच्छा रहता है। जितनी जल्दी आप निवेश करना शुरू करेंगे, रिटायरमेंट के बाद आपको उतना ही पैसा मिलगा।
हम में से बहुत से लोगों के लिए रिटायरमेंट के बाद जिंदगी का मतलब बिना किसी रोकटोक के सुकून से स्वतंत्र जिंदगी जीना है, जिसमें आपको अपने खर्चों की चिंता करने की जरूरत न पड़े। हालांकि महंगाई बढ़ने के साथ केवल रिटायरमेंट के बाद आरामदायक जिंदगी के बारे में सोचना ही पर्याप्त नहीं है। आपको इसके लिए प्लानिंग करने की जरूरत पड़ती है। सबसे पहले दिमाग में अपने बजट को रखकर सोचना पड़ता है।
उदाहरण से समझें
आइए इसे एक उदाहरण से समझते हैं कि यह पोस्ट रिटायरमेंट प्लान की स्कीम किस तरह काम करती है। मान लीजिए, नेहा की उम्र 32 साल है। उन्हें इस समय 50 हजार रुपये सैलरी मिल रही है। वह 60 वर्ष की उम्र में रिटायर होंगी। वह रिटायरमेंट के बाद 30 हजार रुपये की मासिक पेंशन लेना चाहती हैं। अब यह सवाल उठता है कि उन्हें अपने रिटायरमेंट की उम्र तक कितनी राशि का निवेश करना चाहिए, ताकि वह भविष्य में संतोषजनक ढंग से जीवन व्यतीत कर सकें।
रिटायरमेंट के बाद 30 हजार रुपये की मासिक पेंशन लेने के लिए नेहा को 4.05 करोड़ की धनराशि एकत्र करने की जरूरत होगी। उन्हें रिटायरमेंट की उम्र तक 12 फीसदी रिटर्न मिलेगा और उसके बाद छह फीसदी की मुद्रास्फीति की दर से पांच फीसदी की दर से रिटर्न मिलेगा। अपने उद्देश्यों की पूर्ति के लिए नेहा को अगले 28 साल तक हर महीने 14,820 रुपये का निवश करना होगा। इस सारी स्थिति को समझते हुए संक्षेप में यह कहा जा सकता है कि अगर सब कुछ योजना के अनुसार होता है तो निवेशक रिटायरमेंट के बाद आर्थिक रूप से सुरक्षित जिंदगी व्यतीत कर सकता है।
यह उदाहरण रिटायरमेंट प्लान लेने की योजनाओं के महत्व को उभारता है।
भारत के टॉप तीन रिटायरमेंट प्लान निम्नलिखित हैं, जिससे आपके पास अपनी जिंदगी की सांझ तक पर्याप्त धनराशि एकत्र हो।