{"_id":"d0c52d3c556e1484ffdb222531bdf942","slug":"bone-and-hip-problems-after-40-it-s-may-cause-of-death","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"40 पार हैं तो जरूर सुनें, कुछ कहती हैं आपसे शरीर की हड्डियां ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
40 पार हैं तो जरूर सुनें, कुछ कहती हैं आपसे शरीर की हड्डियां
आशीष वर्मा/अमरउजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 30 Sep 2015 07:53 AM IST
विज्ञापन
40 पार हैं तो जरूर सुनें, कुछ कहती हैं आपसे शरीर की हड्डियां
1 of 8
Link Copied
40 वर्ष की उम्र पार करते ही हड्डियों की चेकअप करवाते रहें। अगर करेंगे कमजोर हड्डियों की अनदेखी, तो बढ़ जाएगा मौत का खतरा! पढ़ें खबर। रिपोर्ट: आशीष वर्मा, चंडीगढ़
Trending Videos
40 पार हैं तो जरूर सुनें, कुछ कहती हैं आपसे शरीर की हड्डियां
2 of 8
40 वर्ष की उम्र पार करते ही हड्डियों की चेकअप करवाते रहें। अगर करेंगे कमजोर हड्डियों की अनदेखी, तो बढ़ जाएगा मौत का खतरा! पीजीआई में की गई एक स्टडी के अनुसार 40 वर्ष की उम्र पार करते ही खासकर महिलाओं में स्टियोपोरोसिस की शिकायत शुरू हो जाती है। इससे हड्डियां कमजोर होती है और हल्का झटका पड़ने पर टूट जाती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
40 पार हैं तो जरूर सुनें, कुछ कहती हैं आपसे शरीर की हड्डियां
3 of 8
हालांकि कमजोर हड्डी बेड से गिरने पर भी टूट सकती है या फिर बाथरूम में फिसलने के दौरान भी। युवा अवस्था में जब ऐसी घटना होती है तो फ्रैक्चर की संभावना काफी कम होती है, क्योंकि हड्डियां मजबूत होती है। हड्डियां कमजोर होने के पीछे मुख्य वजह कैल्शियम की कमी और कैल्शियम की कमी से आस्टियोपोरोसिस होता है। 40 पार की महिलाओं में ज्यादातर यह शिकायत पाई जाती है।
40 पार हैं तो जरूर सुनें, कुछ कहती हैं आपसे शरीर की हड्डियां
4 of 8
दरअसल पीजीआई की एक स्टडी में सामने आया है कि बुढ़ापे में कूल्हा टूटने के बाद मौत का खतरा बढ़ जाता है। इस स्टडी में 70 साल तक के 250 मरीजों को शामिल किया गया था। एक साल बाद जब सभी मरीजों को चेक किया गया तो पता चला कि करीब 32 प्रतिशत की मौत हो चुकी थी, जबकि अन्य की हालत काफी दयनीय थी। वे चलने-फिरने में असमर्थ थे।
विज्ञापन
40 पार हैं तो जरूर सुनें, कुछ कहती हैं आपसे शरीर की हड्डियां
5 of 8
यह स्टडी इंडोक्राइनोलाजी डिपार्टमेंट के एक स्टूडेंट की थिसिस थी। इसमें पीजीआई में आने वाले मरीजों को शामिल किया गया था। इस संबंध में पीजीआई के इंडोक्राइनोलॉजी डिपार्टमेंट के डाक्टर संजय बडाडा ने बताया कि इस स्टडी के पीछे एक संदेश है कि हड्डियों को टूटने से बचाना है।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे| Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।