मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने डेरा बाबा जैमल सिंह में विश्व का सबसे बड़ा 19.5 मेगावाट की क्षमता वाला सोलर पावर प्लांट राष्ट्र को समर्पित किया। करीब 82 एकड़ में फैले इस प्लांट पर कुल लागत 139 करोड़ रुपये आई है। इसकी स्थापना राधा स्वामी सत्संग ब्यास एजुकेशनल एंड एनवायरमेंट सोसाइटी ने पंजाब ऊर्जा विकास एजेंसी की तकनीकी सहायता से की है।
विश्व का सबसे बड़ा सोलर ऊर्जा प्लांट ब्यास में, सीएम ने राष्ट्र को सौंपा
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बादल ने मंगलवार को आयोजित कार्यक्रम में कहा कि सौर ऊर्जा के उत्पादन में पंजाब का अहम योगदान है। यही वजह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने री-इनवेस्ट-2015 के दौरान सौर ऊर्जा में वृद्धि करने पर पंजाब को बेहतरीन प्रदर्शन करने पर अवार्ड से सम्मानित किया था।
हरित क्रांत का जन्मदाता पंजाब अब सौर ऊर्जा क्रांति का नेतृत्व करेगा। आने वाले 25 सालों में चार लाख टन कार्बन डाई ऑक्साइड कम पैदा होगी जो दो लाख पौधे लगाने के बराबर है। उक्त प्लांट से आठ हजार घरों को बिजली सप्लाई होगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने 2022 तक गैर रिवायती ऊर्जा संसाधनों से 4 हजार मेगावाट ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य रखा है। यह प्रोजेक्ट अन्य राज्यों में भी प्लांट लगाने को उत्साहित करेगा।
उन्होंने कहा कि 2012 तक पंजाब में गैर रिवायती संसाधनों से सिर्फ 9 मेगावाट उत्पादन होता था जो अब 470 मेगावाट पहुंच गया है। इस वर्ष के अंत तक 1080 मेगावाट का लक्ष्य है। इसमें जहां निवेश 82 करोड़ था अब आठ हजार करोड़ रुपये हो गया है। मौके पर सीपीएस मंजीत सिंह मियाविंड, विधायक बलजीत सिंह जलाल उसमा, जैनको के चेयरमैन जगतार सिंह राजेआना, पेडा के अधिकारी अमरपाल सिंह, डीसी वरुण रुजम उपस्थित थे।