पंजाब के लुधियाना जिले में एक 17 वर्षीय 12वीं के छात्र ने खुदकुशी कर ली है। छात्र का नाम रविंदर सिंह था। वह रायकोट के गांव बस्सियां का रहने वाला था। बताया जा रहा है कि प्रिंसिपल ने स्कूल से उसका नाम काट दिया था। इससे वह काफी निराश था। उसे सबके सामने बेइज्जत कर स्कूल से निकाला गया था। रविंदर गले में फंदा लगाकर घर में लगे छत के पंखे से झूल गया। छात्र का संबंध अनुसूचित जाति से है। आत्महत्या करने से पहले उसने सुसाइड नोट भी लिखा। इसमें उसने स्कूल के प्रिंसिपल और दो छात्राओं का सीधे तौर पर जिक्र किया। इतनी छोटी उम्र में रविंदर ने प्यार में धोखा मिलने का जिक्र भी इस नोट में किया है लेकिन ये खुदकुशी नोट पुलिस तक पहुंचा ही नहीं। पंचायत ने भी सब कुछ जानते हुए पुलिस को सूचित तक नहीं किया, न कोई मुकदमा दर्ज हुआ न पोस्टमार्टम हुआ।
छात्र ने की खुदकुशी: गुमनाम खत ने खोला राज, 'प्रिंसिपल ने नाम काटा, बेइज्जत कर स्कूल से निकाला'
गरीब परिवार पर दबाव बनाकर गुपचुप तरीके से रविंदर का अंतिम संस्कार भी कर दिया गया। खुदकुशी नोट भी गांव के सरपंच जगदेव सिंह ने अपने पास रख लिया और कानूनी कार्रवाई नहीं करवाई। गांव के सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल के छात्र रविंदर ने 23 जुलाई की रात को ही खुदकुशी कर ली थी। परिवार को इस घटना के बारे में अगली सुबह रविवार नौ बजे के करीब पता चला। रविंदर पंखे से झूल रहा था। परिवार में कोहराम मच गया। चीखने की आवाज सुनकर पड़ोस के लोग पहुंचे और रविंदर के शव को उतारा गया। आनन-फानन उसी दिन दोपहर ढाई बजे के करीब रविंदर का अंतिम संस्कार कर दिया गया। उसकी आत्मा की शांति को रखे सहज पाठ साहिब के भोग भी मंगलवार दो अगस्त को डाल दिए गए।
घटना के करीब 12 दिन बाद एक समाजसेवी के नाम भेजे गए गुमनाम खत ने सारा भेद खोल कर रख दिया और पूरे मामले से पर्दा उठता चला गया।पीड़ित परिवार से मुलाकात की तो पहले रविंदर का परिवार कुछ भी बोलने से झिझक रहा था। कुछ देर बाद सबकी आंखों से छलके आंसुओं के साथ सच भी बाहर आने लगा। मृतक के 73 वर्षीय दादा ज्ञानी पाल सिंह ने बताया कि 23 जुलाई शनिवार को स्कूल से आने के बाद रविंदर बहुत उदास था, उसने बताया कि प्रिंसिपल गुरदीप सिंह ने स्कूल से उसका नाम काट बेइज्जत कर निकाल दिया है। उसके चाचा बलबीर सिंह ने समझाया और कहा कि सोमवार को वह उसके साथ स्कूल चलकर दोबारा दाखिला करवा देंगे। रात को बड़ी मुश्किल से रविंदर ने थोड़ा सा खाना खाया, उसने अपना मोबाइल बंद करके रखा था। उसकी मां मनप्रीत कौर बेटी जसकरन कौर के साथ मायके गई थी।
रविंदर ने अपने चाचा बलबीर के मोबाइल फोन से मां को आखिरी फोन किया और बताया कि उसका नाम स्कूल से काट दिया गया है। उच्च शिक्षा के लिए विदेश जाने का सपना भी टूट गया है। उसने मां को बताया कि प्रिंसिपल ने उसे और दिवंगत पिता को गाली दी थी, यह बात फोन में रिकॉर्ड है। सुबह 9 बजे के करीब उसकी चाची रमनदीप कौर उसे उठाने गई तो कमरे का दरवाजा खुला था और रविंदर छत के पंखे से झूल रहा था।
रविंदर की मौसी नीलम ने बताया कि वह, रविंदर की मां मनप्रीत कौर, चाचा ओम प्रकाश, चाची रमनदीप कौर और दादा ज्ञानी पाल सिंह को साथ लेकर सच्चाई जानने स्कूल गए थे। प्रिंसिपल गुरदीप सिंह ने उन्हें सांत्वना देने के बजाय धमकाना शुरू कर दिया। उसने कहा कि मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता, जो करना है कर लो। जहां जाकर शिकायत करनी है कर लो। रविंदर की छोटी बहन जसकरन कौर भी उसी स्कूल में 10वीं की छात्रा है। वह इतना डर गई है कि स्कूल नहीं जाना चाहती।
पीड़ित परिवार ने बताया कि रविंदर के पिता गुरमीत सिंह और दादी की मौत भी कुछ समय पहले हुई थी। परिवार इन दो मौतों के दुख से उबरा भी नहीं था कि रविंदर ने खुदकुशी कर ली। सब इतने सदमे में थे कि किसी को पुलिस में शिकायत करने की बात नहीं सूझी, जिसने जो कहा वे करते चले गए। उन्हें डराया भी जाता रहा, खुदकुशी नोट भी सरपंच जगदेव सिंह ने अपने पास रख लिया। हालांकि उन्होंने खुदकुशी नोट की फोटो खींच कर बतौर सुबूत फोन में रख लिया था।
क्या कहते हैं प्रिंसिपल
प्रिंसिपल गुरदीप सिंह से बात करने पर उन्होंने कहा कि रविंदर स्कूल में दो लड़कियों से लगातार मिलता था। स्टाफ उसकी शिकायत करता था। उसे छह महीने पहले भी स्कूल से निकाला गया था। दोबारा गलती न करने की शर्त पर उसे दोबारा दाखिला दिया गया था लेकिन वह नहीं सुधरा। शनिवार को लड़की के परिजन स्कूल बुलाए गए थे। रविंदर से भी पूछताछ की गई, प्रिंसिपल गुरदीप सिंह ने दावा किया कि रविंदर का नाम स्कूल से नहीं काटा था सिर्फ उसे सुधारने के मकसद से घर भेज दिया गया था। उन्होंने सपने में भी नहीं सोचा था कि वो खुदकुशी कर लेगा।
सरपंच बोले पीड़ित परिवार की सहमति से ही किया गया अंतिम संस्कार
सरपंच जगदेव सिंह से संपर्क करने पर उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार की सहमति से ही बिना पुलिस को सूचित किए अंतिम संस्कार करवाया गया था। मौके पर उनके साथ पंचायत सदस्य भी थे। उन्होंने प्रिंसिपल गुरदीप सिंह को क्लीन चिट देते हुए कहा कि प्रिंसिपल ने रविंदर को स्कूल में गलती करते हुए रंगे हाथ पकड़ा था। उसके साथ दो लड़कियां भी थी, प्रिंसिपल ने जो भी किया स्कूल में अनुशासन कायम रखने के लिए किया था।
शिकायत आई तो होगी कड़ी कार्रवाई: एसएसपी हरजीत सिंह
एसएसपी जिला ग्रामीण हरजीत सिंह से संपर्क करने पर उन्होंने कहा कि खुदकुशी करना और खुदकुशी के लिए मजबूर करना दोनों अपराध हैं। मृतक के परिजन शिकायत करते हैं तो कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।