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धनतेरस 2018: 18 साल बाद शुभ संयोग, पर इस समय भूलकर भी न करें खरीदारी, अशुभ होगा
नीरज कुमार, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 05 Nov 2018 09:05 AM IST
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धनतेरस
- फोटो : amar ujala
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धनतेरस पर इस बार 18 साल बाद बेहद शुभ संयोग बन रहा है, लेकिन दिन में एक समय ऐसा जब आपको भूल कर भी खरीदारी नहीं करनी चाहिए। अगर आप इस समय में खरीदारी कर लेते हैं तो वह अशुभ होगा।
धनतेरस
- फोटो : amar ujala
यह बात सेक्टर-30 के श्री महाकाली मंदिर स्थित भृगु ज्योतिष केंद्र के प्रमुख पंडित बीरेंद्र नारायण मिश्र ने कही। उनका कहना है कि धनतेरस पर सुबह 10 बजकर 44 मिनट से दोपहर एक बजकर 24 मिनट तक रोग और उद्वेग की चौघड़िया होने के कारण बर्तन खरीदने का शुभ समय नहीं है। अभिजीत मुहूर्त में रोग और उद्वेग की चौघड़िया है। इस मुहूर्त में विशेष रूप से सोना, चांदी और पीतल खरीदना अशुभ मना जाता है।
धनतेरस
- फोटो : amar ujala
बर्तन खरीदने के लिए यह है शुभ समय
मिश्रा के अनुसार धनतेरस को दोपहर एक बजकर 25 मिनट से शाम छह बजकर 44 मिनट तक चर, लाभ और अमृत की चौघड़िया मुहूर्त में शुभ माना गया है। सबसे शुभ मुहूर्त दोपहर दो बजकर 44 मिनट से शाम पांच बजकर 24 मिनट तक लाभ और अमृत की चौघड़िया है। यह सबसे शुभ समय है। क्योंकि सोम अमृत जयंती योग और लाभ और अमृत की चौघड़िया में बर्तन खरीददारी करने से धर्म शास्त्र के अनुसार आयु, विद्या, यश और बल की प्राप्ति होने के साथ ही रोग का भी नाश होता है।
मिश्रा के अनुसार धनतेरस को दोपहर एक बजकर 25 मिनट से शाम छह बजकर 44 मिनट तक चर, लाभ और अमृत की चौघड़िया मुहूर्त में शुभ माना गया है। सबसे शुभ मुहूर्त दोपहर दो बजकर 44 मिनट से शाम पांच बजकर 24 मिनट तक लाभ और अमृत की चौघड़िया है। यह सबसे शुभ समय है। क्योंकि सोम अमृत जयंती योग और लाभ और अमृत की चौघड़िया में बर्तन खरीददारी करने से धर्म शास्त्र के अनुसार आयु, विद्या, यश और बल की प्राप्ति होने के साथ ही रोग का भी नाश होता है।
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धनतेरस
- फोटो : amar ujala
देवालय पूजक परिषद चंडीगढ़ के कोषाध्यक्ष और सेक्टर-18 के श्रीराधा कृष्ण मंदिर के पुजारी डॉ लाल बहादुर दुबे और सेक्टर-30 के शिव शक्ति मंदिर के पुजारी पंडित श्याम सुंदर शास्त्री के अनुसार भगवान धनवंतरी संसार के समस्त रोगों की औषधियों को कलश में लेकर प्रकट हुए थे। उस दिन त्रयोदशी के साथ साथ सोमवार का दिन था। खास बात यह है कि इस वर्ष का धनतेरस का दिन भी सोमवार है। इस दिन बीमारों के लिए दवा खरीदना और उसका सेवन करना भी रोगी के लिए फायदा होगा।
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धनतेरस पर खरीदारी करते लोग
- फोटो : amar ujala
18 वर्ष बाद बना अमृत जयंती योग
कार्तिक कृष्ण पक्ष त्रयोदशी धनतेरस 5 नवंबर सोमवार को है। धनतेरस का प्रारंभ 4 नवंबर रविवार रात 1 बजकर 25 मिनट से शुरू होकर 5 नवंबर सोमवार को रात 11 बजकर 47 मिनट पर समाप्त होगा। पांच नवंबर सोमवार को सुबह छह बजकर 44 मिनट पर सूर्योदय होगा। सूर्योदय के समय से लेकर रात 11 बजकर 47 मिनट तक धनतेरस रहेगा। इस बार धनतेरस पर सोम अमृत जयंती योग बन रहा है। ऐसा संयोग 18 वर्षों के बाद बना है। उन्होंने कहा कि सोम प्रदोष हस्त नक्षत्र कन्या राशि में चंद्रमा त्रयोदशी तिथि में भद्रा न हो तो सोमअमृत जयंती योग बनता है।
कार्तिक कृष्ण पक्ष त्रयोदशी धनतेरस 5 नवंबर सोमवार को है। धनतेरस का प्रारंभ 4 नवंबर रविवार रात 1 बजकर 25 मिनट से शुरू होकर 5 नवंबर सोमवार को रात 11 बजकर 47 मिनट पर समाप्त होगा। पांच नवंबर सोमवार को सुबह छह बजकर 44 मिनट पर सूर्योदय होगा। सूर्योदय के समय से लेकर रात 11 बजकर 47 मिनट तक धनतेरस रहेगा। इस बार धनतेरस पर सोम अमृत जयंती योग बन रहा है। ऐसा संयोग 18 वर्षों के बाद बना है। उन्होंने कहा कि सोम प्रदोष हस्त नक्षत्र कन्या राशि में चंद्रमा त्रयोदशी तिथि में भद्रा न हो तो सोमअमृत जयंती योग बनता है।