1980 के दशक के अंतिम दौर में सुपरकॉप के नाम से जाने जानेवाले पुलिस अधिकारी केपीएस गिल की तूती बोलती थी। लेकिन इस सुरपकॉप का दामन एक घटना ने दागदार कर दिया।
केपीएस गिल, जिन्हें पंजाब में चरमपंथ के ख़ात्मे का हीरो समझा जाता था और ऐसे ही समय उनके बारे में एक अलग तरह की ख़बर आई कि उन्होंने एक वरिष्ठ महिला आईएएस अधिकारी रूपन देओल बजाज के पिछले हिस्से पर हाथ मारा था।
रूपन बजाज ने उन पर यौन दुर्व्यवहार का आरोप लगाया और मामले को अदालत ले गईं, जहाँ 17 साल बाद गिल को दोषी ठहराया गया। मगर गिल की सज़ा कम कर दी गई, जुर्माना भी कम कर दिया गया और जेल भी नहीं भेजा गया।
उस दौरान एक इंटरव्यू में रूपन बजाज ने कई चौंकाने वाले खुलासे भी किए, एक अंग्रेजी मीडिया हाऊस को दिए इस इंटरव्यू में रूपन बजाज ने कहा कि 1988 में मैं विशेष वित्त सचिव के रूप में काम कर रही थी। तब मेरे मातहत करीब 20 हज़ार लोग थे, जिसमें 90 फ़ीसदी पुरुष थे। वहां गृह सचिव की मेज़बानी में एक पार्टी का आयोजन किया गया था।
केपीएस गिल तब पुलिस महानिदेशक थे और वह भी पार्टी में मौजूद थे। उन्होंने मुझे बुलाया और कहा वह कुछ बात करना चाहते हैं। वह मेरे सामने थे. उन्होंने अपनी उंगली से मेरी तरफ इशारा करते हुए कहा कि खड़ी हो जाओ और मेरे साथ चलो। मैने कहा कि मिस्टर गिल यहां से चले जाइए. आप मेरे साथ दुर्व्यवहार कर रहे हैं।