फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

क्रिकेटर बनाना चाहता था बंदूक थाम ली, पिता ने बताई बेटे के गैंगस्टर बनने की वजह

Fri, 14 Apr 2017 09:25 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, करनाल(हरियाणा)
ब्यूरो/अमर उजाला, करनाल(हरियाणा) Updated Fri, 14 Apr 2017 09:25 AM IST
father told story of gangster son surender geong, surender gyong killed in encounter
एनकाउंटर में मारा गया गैंगस्टर सुरेंद्र ग्योंग
क्रिकेटर बनना चाहता था, लेकिन 22 साल की उम्र में उसने बल्ला छोड़कर बंदूक थाम ली। पिता ने सुनाई अपने बेटे के गैंगस्टर बनने की दर्दभरी कहानी।
father told story of gangster son surender geong, surender gyong killed in encounter
इनामी बदमाश सुरेंद्र ग्योंग का एनकाउंटर
बात हो रही है हाल ही में एनकाउंटर में मारे गए 4 राज्यों के मोस्टवांटेड गैंगस्टर सुरेंद्र ग्योंग की। 39 वर्षीय सुरेंद्र के बचपन की बातें याद करके 70 वर्षीय पिता ईश्वर सिंह की आंखें नम हो गईं। पिता ने बताया कि उसे अपराध से दूर रखने के लिए परिवार के लोगों ने सुरेंद्र को खूब समझाया, लेकिन सुरेंद्र गैंग का मुखिया बनने के कारण वापस नहीं आ पाया। सोमवार को उसका पोस्टमार्टम किया गया, तब सुनाई कहानी।
father told story of gangster son surender geong, surender gyong killed in encounter
इनामी बदमाश सुरेंद्र ग्योंग का एनकाउंटर
पिता ने बताया था क‌ि सुरेंद्र 10वीं फेल था। कैथल जाते वक्त गांव के एक युवक के पास 50 रुपए थे। कंडक्टर ने टिकट देकर खुले पैसे नहीं दिए। उसी बस में सुरेंद्र भी था। झगड़ा देखकर सुरेंद्र पहुंचा, तो उसके साथ लड़ाई हो गई। सुरेंद्र की यह पहली लड़ाई भी दूसरों के कारण हुई। वह हमेशा दूसरों की लड़ाई में अन्याय के खिलाफ लड़ा। इस तरह छोटी-छोटी लड़ाई से वह बड़ी लड़ाइयों का हिस्सा बनता गया।
विज्ञापन
father told story of gangster son surender geong, surender gyong killed in encounter
इनामी बदमाश सुरेंद्र ग्योंग का एनकाउंटर
ईश्वर सिंह व दोस्त केके जैलदार ने कहा कि सुरेंद्र की रणदीप सुरजेवाला से कोई दुश्मनी नहीं थी। सुरजेवाला ने अदालत में जान-बूझकर कह रखा था कि उन्हें सुरेंद्र से जान का खतरा है। उनकी मांग है कि इस मामले की सीबीआई जांच होनी चाहिए। सुरेंद्र के दुश्मनों और जिस जेल में वह रहा है, वहां से भी पता लग सकता है कि वह एक बहुत अच्छा इंसान था।
father told story of gangster son surender geong, surender gyong killed in encounter
इनामी बदमाश सुरेंद्र ग्योंग का एनकाउंटर
मूल रूप से कैथल जिले के गांव ग्योंग के रहने वाले सुरेंद्र के खिलाफ पहला मामला दिसंबर 1994 में दर्ज हुआ था, जबकि जेल में रहते हुए 23 मार्च 2015 को फोन पर फिरौती के लिए धमकी देने का मामला भी शामिल हैं। इसके बाद सुरेंद्र ग्योंग ने वर्ष 1999 में हत्या, डकैती व अपहरण की शुरुआत थी। करीब 7 साल कैथल में इसका पूरा आतंक रहा।
अगली फोटो गैलरी देखें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed