ड्रग्स तस्करों के लिए पुलिस इंस्पेक्टर इंदरजीत अब तक खौफ था, लेकिन उसकी गिरफ्तारी के बाद उसका 'मायाजाल' ऐसा निकला कि अब एके-47 से लेकर तस्करों पर की कार्रवाई सवाल के घेरे में है।
20 करोड़ की हेरोइन व हथियारों की खेप समेत गिरफ्तार इंस्पेक्टर इंदरजीत सिंह के घर से एके-47 मिलने से पंजाब पुलिस में खलबली मच गई है। एसटीएफ के अधिकारी गहराई से जांच में जुट गए हैं। खासकर उन थानों में हथियारों की बरामदगी का रिकॉर्ड चेक किया जा रहा है, जहां पर इंस्पेक्टर इंदरजीत सिंह की तैनाती रही है। ऐसी आशंका जताई जा रही है कि एके-47 करातपुर थाने से ली गई है, जो एक आरोपी से बरामद की गई थी।
सूत्रों के मुताबिक आला पुलिस अधिकारियों की टीम ने करतारपुर का रिकार्ड खंगालना शुरू कर दिया है। इंदरजीत सिंह जनवरी 2015 में करतारपुर में बतौर एसएचओ तैनात था और मई माह तक वहां पर नशे की रिकवरी की बाढ़ आ गई। 5 माह में ही 60 करोड़ की हेरोइन, 41 क्विंटल चूरा पोस्त, दो किलो चरस, 5 किलो स्मैक, एक किलो नशीला पाउडर बरामद हुआ। सबसे हैरान कर देने वाली बात है कि ये सारी रिकवरी उन लोगों से हुई, जिनका करतारपुर से कोई लेना देना नहीं था।
केंद्रीय सीमा शुल्क का अधिकारी गुरदेव सिंह अटारी रेलवे स्टेशन पर तैनात था, जिसे करतारपुर में गिरफ्तार किया गया। उसके पास से 7 किलो हेरोइन और पांच किलो स्मैक बरामद हुई। करतारपुर में जितने समय इंदरजीत तैनात रहा है, उसको लेकर पूरा ब्योरा व एफआईआर चेक की जा रही है।
जानकारी के मुताबिक जो एके-47 इंदरजीत सिंह के सरकारी घर से मिली है, वह करतारपुर थाने की है। आला अधिकारियों की टीम ने इंदरजीत सिंह की तैनाती और उसके बाद से जितने भी मुंशी थाने में तैनात रहे हैं, उनसे लंबी पूछताछ शुरू हो गई है। आखिरकार उन्होंने रिकॉर्ड में बरामद हथियारों को थाने में बरामदगी व रिकवरी को प्रैक्टिकल रूप में चेक क्यों नहीं किया?