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Chandigarh-Haryana News: मजदूरों का वेतन, छुट्टी, बोनस और काम के नियम अब नए कानून से तय होंगे
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- न्यूनतम वेतन, ओवरटाइम, डिजिटल वेतन रिकॉर्ड और महंगाई भत्ता स्पष्ट, पारदर्शी और एक समान होगा
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। राज्य सरकार ने सोमवार को कोड ऑन वेजेज (हरियाणा) रूल्स 2026 का ड्राफ्ट जारी किया है जिससे पूरे राज्य में वेतन, बोनस, ओवरटाइम, न्यूनतम मजदूरी और कर्मचारियों के अधिकारों की एक समान व्यवस्था लागू होगी। साथ ही सरकार एक राज्य सलाहकार बोर्ड बनाएगी जिसमें कर्मचारी, नियोक्ता और विशेषज्ञ शामिल होंगे जो वेतन नीतियों पर सुझाव देंगे।
सबसे बड़ा बदलाव यह होगा कि अब न्यूनतम वेतन तय करते समय केवल बेसिक मजदूरी नहीं बल्कि परिवार का पूरा खर्च ध्यान में रखा जाएगा। इसमें भोजन, कपड़े, किराया, बिजली, बच्चों की पढ़ाई, इलाज और अन्य जरूरतें शामिल होंगी। मजदूरी को घंटे, दिन और महीने के हिसाब से तय किया जाएगा। कर्मचारियों को उनके काम की प्रकृति अकुशल, अर्धकुशल, कुशल और उच्च कुशल के आधार पर वेतन मिलेगा। साथ ही अलग-अलग क्षेत्रों के हिसाब से वेतन तय किया जाएगा।
साल में दो बार संशोधित होगा महंगाई भत्ता
अब महंगाई भत्ता साल में दो बार संशोधित होगा। हर कर्मचारी को हर सप्ताह कम से कम एक अनिवार्य छुट्टी मिलेगी। ओवरटाइम, नाइट शिफ्ट, वेतन कटौती, जुर्माना और बोनस के स्पष्ट नियम लागू होंगे ताकि मनमानी कम हो। सभी कंपनियों और संस्थानों को अब कर्मचारियों का वेतन रजिस्टर, उपस्थिति रिकॉर्ड, बोनस, कटौती और वेतन पर्ची डिजिटल या लिखित रूप में रखना जरूरी होगा।
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। राज्य सरकार ने सोमवार को कोड ऑन वेजेज (हरियाणा) रूल्स 2026 का ड्राफ्ट जारी किया है जिससे पूरे राज्य में वेतन, बोनस, ओवरटाइम, न्यूनतम मजदूरी और कर्मचारियों के अधिकारों की एक समान व्यवस्था लागू होगी। साथ ही सरकार एक राज्य सलाहकार बोर्ड बनाएगी जिसमें कर्मचारी, नियोक्ता और विशेषज्ञ शामिल होंगे जो वेतन नीतियों पर सुझाव देंगे।
सबसे बड़ा बदलाव यह होगा कि अब न्यूनतम वेतन तय करते समय केवल बेसिक मजदूरी नहीं बल्कि परिवार का पूरा खर्च ध्यान में रखा जाएगा। इसमें भोजन, कपड़े, किराया, बिजली, बच्चों की पढ़ाई, इलाज और अन्य जरूरतें शामिल होंगी। मजदूरी को घंटे, दिन और महीने के हिसाब से तय किया जाएगा। कर्मचारियों को उनके काम की प्रकृति अकुशल, अर्धकुशल, कुशल और उच्च कुशल के आधार पर वेतन मिलेगा। साथ ही अलग-अलग क्षेत्रों के हिसाब से वेतन तय किया जाएगा।
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साल में दो बार संशोधित होगा महंगाई भत्ता
अब महंगाई भत्ता साल में दो बार संशोधित होगा। हर कर्मचारी को हर सप्ताह कम से कम एक अनिवार्य छुट्टी मिलेगी। ओवरटाइम, नाइट शिफ्ट, वेतन कटौती, जुर्माना और बोनस के स्पष्ट नियम लागू होंगे ताकि मनमानी कम हो। सभी कंपनियों और संस्थानों को अब कर्मचारियों का वेतन रजिस्टर, उपस्थिति रिकॉर्ड, बोनस, कटौती और वेतन पर्ची डिजिटल या लिखित रूप में रखना जरूरी होगा।