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Pics: 3 महीने के बेटे ने लिया आशीर्वाद, फिर चली शहीद की शवयात्रा, पत्नी बेहोश
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार(हरियाणा)
Updated Mon, 26 Mar 2018 09:58 AM IST
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संदीप सिंह पूनिया का अंतिम संस्कार
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3 महीने के बेटे ने पांव छूकर आशीर्वाद लिया, पत्नी ने हाथ जोड़कर नमन किया और शहीद पति को अंतिम विदाई दी, देखिए तस्वीरें।
संदीप सिंह पूनिया का अंतिम संस्कार
हरियाणा के हिसार जिले में गांव सातरोड़ खुर्द निवासी सैनिक संदीप सिंह पूनिया जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में शहीद हो गए। करीब 26 वर्षीय संदीप सुबह ड्यूटी पर जाने के लिए तैयार हो रहे थे कि हार्ट अटैक हो गया। साथी जवान उन्हें अस्पताल लेकर गए, लेकिन तब तक उन्होंने दम तोड़ दिया। शुक्रवार शाम को सैनिक संदीप का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव लाया गया, जहां नम आंखों से उन्हें विदाई दी गई।
संदीप सिंह पूनिया का अंतिम संस्कार
सैनिक संदीप सिंह पूनिया अपने तीन महीने के बेटे जितेश को गोद में भी नहीं उठा सके। संदीप आखिरी बार घर में पांच महीने पहले अक्तूबर में आए थे, जबकि उनके जाने के दो महीने बाद दिसंबर में बेटे ने जन्म लिया। परिजनों ने बच्चे के जन्म पर छोटा सा जलवा पूजन का कार्यक्रम किया। बड़ा जश्न मनाने के लिए संदीप के आने का इंतजार था, लेकिन लौटा तो सिर्फ ताबूत में बंद संदीप का पार्थिव शरीर।
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संदीप सिंह पूनिया का अंतिम संस्कार
तीन महीने के बेटे जितेश को जब उसके पिता के अंतिम दर्शन करवाए गए तो वहां मौजूद हर ग्रामीण नारेबाजी करने लगा। संदीप के जुड़वां भाई मंदीप ने बताया कि उसकी आखिरी बार संदीप से बुधवार रात को बात हुई थी। संदीप ने उससे कहा था कि मैं ठीक हूं, जल्दी ही घर आऊंगा। संदीप ने मंदीप से अच्छा कॅरिअर बनाने के लिए मन लगाकर तैयारी करने को भी कहा था।
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संदीप सिंह पूनिया का अंतिम संस्कार
बीवी के साथ हुई थी आखिरी बातचीत
मंदीप के मुताबिक संदीप के साथ आखिरी बातचीत उसकी भाभी रेखा से हुई थी। रेखा को उसने बताया था कि अब वह तैयार होकर ड्यूटी के लिए जा रहा है। दोनों वे व्हाट्स ऐप के जरिये वीडियो कालिंग भी की थी, लेकिन रेखा को इस बात का जरा सा भी अहसास नहीं था कि इसके बाद वह दोबारा कभी भी अपने पति से बात नहीं कर पाएंगी। संदीप की शादी 20 अप्रैल 2016 को चरखी दादरी के गांव कलाली निवासी रेखा के साथ हुई थी।
मंदीप के मुताबिक संदीप के साथ आखिरी बातचीत उसकी भाभी रेखा से हुई थी। रेखा को उसने बताया था कि अब वह तैयार होकर ड्यूटी के लिए जा रहा है। दोनों वे व्हाट्स ऐप के जरिये वीडियो कालिंग भी की थी, लेकिन रेखा को इस बात का जरा सा भी अहसास नहीं था कि इसके बाद वह दोबारा कभी भी अपने पति से बात नहीं कर पाएंगी। संदीप की शादी 20 अप्रैल 2016 को चरखी दादरी के गांव कलाली निवासी रेखा के साथ हुई थी।