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'सुपरकॉप' गिल को मां का आखिरी सलाम, कह गईं ऐसी बात सुनकर होगा नाज
मोहित धूपड़/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 28 May 2017 09:18 AM IST
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'सुपरकॉप' गिल को मां का आखिरी सलाम
'सुपरकॉप' गिल की मां को पता लगा कि उनका धाकड़ बेटा नहीं रहा तो फूट पड़ीं, लेकिन उन्होंने एक ऐसी बात कह दी कि सुनकर सभी को नाज हुआ।
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'सुपरकॉप' गिल को मां का आखिरी सलाम
शुक्रवार दोपहर तीन बजे सुपरकॉप केपीएस गिल की वृद्धा मां को जैसे ही खबर मिली कि उनके ‘धाकड़’ बेटे ने दिल्ली में आखिरी सांस ले ली है, वह एकदम सदमे में आ गई। पूरा परिवार दिल्ली की ओर रवाना हो गया, लेकिन बुजुर्ग मां डा. सतवंत कौर का फिलहाल दिल्ली जाना संभव नहीं था। लिहाजा वह चंडीगढ़ स्थित अपने घर के कमरे में ही आंखों में आंसू लिए बेटे की बचपन से लेकर अब तक की यादों में डूबी रहीं।
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'सुपरकॉप' गिल को मां का आखिरी सलाम
बेटा फैसले लेने में डरता नहीं था
बोलीं, मेरा बेटा फैसले लेने में डरता नहीं था। इसी का नतीजा है कि आज पंजाब आतंकवाद मुक्त हवा में सांस ले रहा है। कंवर ने आईएएस की परीक्षा भी पास कर ली थी। लेकिन उनका जज्बा था कि वे देश के लिए कुछ करें, लिहाजा उन्होंने आईपीएस की परीक्षा क्लीयर कर पुलिस में जाना उचित समझा। उसके बाद उन्होंने पंजाब में आतंकवाद को खत्म करने में अहम रोल अदा किया। उन्होंने कहा कि उन्हें अपने बेटे पर बहुत फख्र है।
बोलीं, मेरा बेटा फैसले लेने में डरता नहीं था। इसी का नतीजा है कि आज पंजाब आतंकवाद मुक्त हवा में सांस ले रहा है। कंवर ने आईएएस की परीक्षा भी पास कर ली थी। लेकिन उनका जज्बा था कि वे देश के लिए कुछ करें, लिहाजा उन्होंने आईपीएस की परीक्षा क्लीयर कर पुलिस में जाना उचित समझा। उसके बाद उन्होंने पंजाब में आतंकवाद को खत्म करने में अहम रोल अदा किया। उन्होंने कहा कि उन्हें अपने बेटे पर बहुत फख्र है।
kps gill
मोदी कभी उनके फैसले में दखल नहीं देते थे
सतवंत कौर ने बताया कि गुजरात दंगों के बाद हालात काफी नाजुक हो चुके थे। मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी (अब पीएम) केपीएस गिल को अपना सुरक्षा सलाहकार बनाकर गुजरात ले गए और उन्हें राज्य में शांति बहाली की बड़ी जिम्मेदारी सौंपी। बेटा जब भी वहां के हालात पर बात करता तो कहता था कि मोदी कभी उनके फैसले में दखल नहीं देते हैं। वे उनके फैसलों को तवज्जो देते थे और शांति बहाली को लेकर कंवर पाल के साथ चट्टान की तरह खड़े होते थे। नतीजा देखिए, गुजरात में फिर कभी दंगों की चिंगारी नहीं सुलगी।
सतवंत कौर ने बताया कि गुजरात दंगों के बाद हालात काफी नाजुक हो चुके थे। मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी (अब पीएम) केपीएस गिल को अपना सुरक्षा सलाहकार बनाकर गुजरात ले गए और उन्हें राज्य में शांति बहाली की बड़ी जिम्मेदारी सौंपी। बेटा जब भी वहां के हालात पर बात करता तो कहता था कि मोदी कभी उनके फैसले में दखल नहीं देते हैं। वे उनके फैसलों को तवज्जो देते थे और शांति बहाली को लेकर कंवर पाल के साथ चट्टान की तरह खड़े होते थे। नतीजा देखिए, गुजरात में फिर कभी दंगों की चिंगारी नहीं सुलगी।
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चाहती थी कि अपने बेटे से पहले ही मर जाऊं
सतवंत कौर ने कहा कि ‘मैं चाहती थी कि अपने बेटे से पहले ही मर जाऊं। इसका इंतजार भी कर रही थी, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। मेरा बेटा अमर हो गया। मैं चाहती हूं कि अगले जन्म में भी मुझे केपीएस जैसा ही बेटा मिले। मेरे बेटे ने जो फख्र कमाया। मुझे आज उसकी मां होने पर फख्र महसूस हो रहा है।’ उसकी कामयाबी देखकर कई लोग उससे जलने भी लगे थे, लेकिन कंवर पाल ने कभी इसकी परवाह नहीं की।
सतवंत कौर ने कहा कि ‘मैं चाहती थी कि अपने बेटे से पहले ही मर जाऊं। इसका इंतजार भी कर रही थी, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। मेरा बेटा अमर हो गया। मैं चाहती हूं कि अगले जन्म में भी मुझे केपीएस जैसा ही बेटा मिले। मेरे बेटे ने जो फख्र कमाया। मुझे आज उसकी मां होने पर फख्र महसूस हो रहा है।’ उसकी कामयाबी देखकर कई लोग उससे जलने भी लगे थे, लेकिन कंवर पाल ने कभी इसकी परवाह नहीं की।
