निरंकारी मिशन के 71वें वार्षिक निरंकारी संत समागम की शुरूआत हो चुकी है। पहले ही दिन संत निरंकारी आध्यात्मिक स्थल भक्ति भाव से युक्त सकारात्मक ऊर्जा से आलोकित हो गया। समागम में देश-विदेश से अब तक आए लगभग 3 लाख श्रद्धालु ईश्वर के प्रति समर्पित भावनाओं के साथ शामिल हुए। सद्गुरु माता सुदीक्षा को शोभायात्रा निकालकर मंच पर लाया गया, जहां माता सुदीक्षा ने देश को मानवता का संदेश दिया।
माता सुदीक्षा ने दुनिया को दिया मानवता का संदेश, तस्वीरों में देखें समागम की झलकियां
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वहीं अमृतसर में संत निरंकारी भवन में सत्संग के दौरान आतंकी हमले की निंदा करते हुए इस हमले के बाद भी श्रद्धालुओं के श्रद्धा भक्ति व विश्वास में कमी नहीं होने की बात कही गई। सदगुरु माता सुदीक्षा के समागम स्थल पर पहुंचने के साथ समागम का शुभारंभ हुआ। सदगुरु माता को शोभा यात्रा निकालकर मुख्य प्रवेश द्वार से मुख्य मंच तक ले जाया गया। सदगुरु माता खुले वाहन पर खड़े होकर भक्तों का अभिवादन स्वीकार करते हुए उन्हें आशीर्वाद प्रदान करती रहीं।
संत निरंकारी मंडल के प्रधान गोबिंद सिंह, मंडल के केंद्रीय योजना एवं सलाहकार बोर्ड के चेयरमैन केआर चड्ढा ने समस्त साध संगत की ओर से सदगुरु माता को फूलों के गुलदस्ते भेंट करके स्वागत किया। संत समागम का आरंभ सदगुरु माता सुदीक्षा के मानवता के नाम दिए गए संदेश से हुआ। सदगुरु माता ने कहा कि गन्नौर की इस पावन धरती पर पहली बार संत समागम हो रहा है। इसमें देश के कोने-कोने, छोटे-छोटे गांव से लेकर बड़े-बड़े शहरों से श्रद्धालु पहुंचे हैं जो अनेकता में एकता का दृश्य प्रस्तुत कर रहे हैं।
सदगुरु माता ने कहा कि संसार के लोगों में कितनी भी विभिन्नता क्यों न हो, लेकिन वह सभी एक ही परमपिता परमात्मा की संतान हैं और सेवा करना ही हमारा मिशन है। यह संदेश मिशन संपूर्ण विश्व में फैलाना चाहता है। जब यह बोध लोगों के मन में प्रवेश करता है, तब ईश्वर की प्रत्येक रचना के प्रति निस्वार्थ प्रेम और आदर-सत्कार की भावना उत्पन्न होती है।
सदगुरु माता सुदीक्षा ने कहा कि संत निरंकारी मिशन द्वारा सामाजिक जिम्मेदारियां भी संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन के माध्यम से निभाई जा रही हैं। वृक्षारोपण व सफाई अभियान जैसे विभिन्न सामाजिक गतिविधियों के द्वारा यह जिम्मेदारी निभाई जा रही हैं, जिससे यह संसार निर्मल व शांतिपूर्ण बन पाए।
आतंकी हमले से श्रद्धा भक्ति एवं विश्वास में नहीं आई कमी
सदगुरु माता सुदीक्षा ने कहा कि अमृतसर के पास हमारे सत्संग कार्यक्रम में ग्रेनेड द्वारा हमला किया गया। लेकिन इससे मृतकों के परिवारों व घायल भक्तों की श्रद्धा भक्ति एवं विश्वास में कोई कमी नहीं आई है। उनमें से कुछ भक्त आज इस समागम में पहुंच भी चुके हैं। निरंकार से प्रार्थना है कि बाकी भी जल्द ही स्वस्थ होकर उसी तरह सत्संग में भाग लें, जैसे पहले लेते थे।
यह संत समागम मिशन के पूर्व प्रमुख सदगुरु माता सविंदर हरदेव महाराज के प्रति समर्पित किया जा रहा है। समागम का मुख्य विषय मां सविंदर एक रोशन सफर रखा गया है। इसमें माता सविंदर द्वारा दी गई शिक्षाओं पर बल दिया जा रहा है कि ब्रह्मज्ञान को अपने दैनिक जीवन में अपनाएं, ताकि प्रेम, करुणा, शांति, सहनशीलता एवं एकता जैसे मानवीय मूल्य हमारे जीवन से परिलक्षित हों।

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