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ठंड बढ़ने के साथ बढ़ रहा स्वाइन फलू का खतरा, आप पर न हो असर, जानें क्या करें क्या न करें
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Fri, 20 Dec 2019 02:19 PM IST
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फाइल फोटो
ठंड बढ़ने के साथ ही इन्फ्लूएंजा और एच1एन1 यानी स्वाइन फ्लू के फैलने का खतरा बढ़ गया है, लेकिन इसका असर आप पर न हो, इसके लिए जानना होगा कि क्या करें, क्या न करें।
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जीएमएसएच सेक्टर-16 के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. वीके नागपाल ने बताया कि अनदेखी से जान जोखिम में पड़ सकती है। डायरेक्टर हेल्थ के निर्देश पर अस्पताल आने वाले लोगों को संबंधित बीमारी के बारे में बताया जा रहा है। अस्पताल में स्वाइन फ्लू की जांच और इलाज उपलब्ध है। मरीजों को भर्ती करने के लिए अगल से 10 बेड का आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है। ओपीडी में आने वाले मरीजों में इससे संबंधित लक्षण दिखने पर उन्हें एच1एन1 जांच के लिए रेफर करने का निर्देश दिया गया है। डॉ. नागपाल के अनुसार लोग भी ऐसे संक्रमण को लेकर बहुत जागरूक हैं। लक्षण सामने आने पर वे देरी करने की बजाय अस्पताल आ रहे हैं।
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स्वाइन फ्लू के लक्षण
डॉक्टर के मुताबिक, अगर स्वाइन फ्लू की आशंका हो तो जांच कराएं। स्वाइन फ्लू होने पर जुकाम के साथ नाक से पानी आएगा। गले में खराश होगी और आंखें लाल होंगी। बुखार होगा, सांस लेने में तकलीफ होगी। हर समय कमजोरी और थकान महसूस होगी। इसलिए बहुत जरूरी है तो मरीज का ध्यान रखा जाए और उसे तुरंत डॉक्टर के पास ले जाया जाए।
डॉक्टर के मुताबिक, अगर स्वाइन फ्लू की आशंका हो तो जांच कराएं। स्वाइन फ्लू होने पर जुकाम के साथ नाक से पानी आएगा। गले में खराश होगी और आंखें लाल होंगी। बुखार होगा, सांस लेने में तकलीफ होगी। हर समय कमजोरी और थकान महसूस होगी। इसलिए बहुत जरूरी है तो मरीज का ध्यान रखा जाए और उसे तुरंत डॉक्टर के पास ले जाया जाए।
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इस तरह की सावधानी बरतें
स्वाइन फ्लू की पुष्टि के बाद मरीज से पांच फीट की दूरी बनाएं। मरीज को अलग कमरे में रखें। तौलिया अलग कर दें। भीड़-भाड़ वाले स्थान पर न निकलें। हाथ मिलाने से बचें। मास्क लगाएं और हाथ न मिलाएं। नाक व मुंह छुने पर साबुन से हाथ धुले। सर्दी-जुखाम व बुखार आने पर बिना डॉक्टरी सलाह पर दवाएं न लें। खानपान में सावधानी बरतें।
स्वाइन फ्लू की पुष्टि के बाद मरीज से पांच फीट की दूरी बनाएं। मरीज को अलग कमरे में रखें। तौलिया अलग कर दें। भीड़-भाड़ वाले स्थान पर न निकलें। हाथ मिलाने से बचें। मास्क लगाएं और हाथ न मिलाएं। नाक व मुंह छुने पर साबुन से हाथ धुले। सर्दी-जुखाम व बुखार आने पर बिना डॉक्टरी सलाह पर दवाएं न लें। खानपान में सावधानी बरतें।
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घना कोहरा
ऐसे करें बचाव
खांसने और छींकने के दौरान अपनी नाक व मुंह को कपड़े से ढंके। बाहर से आने पर हाथों को साबुन से अच्छी तरह से धोएं। जिन इलाकों में स्वाइन फ्लू हैं, वहां से जाने से बचें। फ्लू से संक्रमित हैं तो घर पर ही आराम करें। फ्लू पीड़ित से दूरी बनाकर रखें। पौष्टिक आहार लें और खूब पानी पीएं। तनावमुक्त रहें, शारीरिक रूप से क्रियाशील रहें व अच्छी नींद लें।
खांसने और छींकने के दौरान अपनी नाक व मुंह को कपड़े से ढंके। बाहर से आने पर हाथों को साबुन से अच्छी तरह से धोएं। जिन इलाकों में स्वाइन फ्लू हैं, वहां से जाने से बचें। फ्लू से संक्रमित हैं तो घर पर ही आराम करें। फ्लू पीड़ित से दूरी बनाकर रखें। पौष्टिक आहार लें और खूब पानी पीएं। तनावमुक्त रहें, शारीरिक रूप से क्रियाशील रहें व अच्छी नींद लें।