'जाको राखे साइयां, मार सके न कोय' यह कहावत आपने जरूर सुनी होगी। आज इसे देख और पढ़ भी लें। पंजाब के लुधियाना में एक ऐसा हादसा हुआ है जिसे देखकर सभी की सांसें थम गईं। मगर कुछ ही पलों पर लोगों ने बड़ी राहत की सांस ली। एक बुजुर्ग प्लेटफॉर्म से चलती ट्रेन के नीचे गिर गया। उसके ऊपर से कई डिब्बे गुजर गए। गनीमत रही कि उसे कोई चोट नहीं आई है।
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बुजुर्ग को एंबुलेंस से ले जाते पुलिसकर्मी।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हादसा बुधवार का बताया जा रहा है। लुधियाना स्टेशन पर ट्रेन में चढ़ते समय एक बुजुर्ग का पैर फिसल गया और वह चलती ट्रेन से प्लेटफार्म पर गिरने के बाद ट्रेन के नीचे जा गिरा। ट्रेन बुजुर्ग के ऊपर से गुजर गई और ट्रेन के पहिये उनको छू तक नहीं सके।
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लाल घेरे में गिरते बुजुर्ग
- फोटो : सोशल मीडिया
यह घटना डेरा बाबा नानक निवासी रिटायर्ड सूबेदार गुरजीत सिंह (84) के साथ हुई। वह पठानकोट-दिल्ली एक्सप्रेस से बटाला से दिल्ली जा रहे थे। लुधियाना स्टेशन पर पानी खरीदने ट्रेन से उतरे। तभी ट्रेन चल पड़ी और चलती ट्रेन में चढ़ते समय उनका पैर फिसल गया। वह प्लेटफार्म से टकराने के बाद ट्रेन के नीचे पटरी किनारे जा गिरे।
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पटरी पर गिरे बुजुर्ग को देखते लोग।
- फोटो : सोशल मीडिया
इसके बाद 18 डिब्बों की पूरी ट्रेन उनके ऊपर से गुजर गई और उनको कोई खरोंच तक नहीं आई। इतना बड़ा हादसा होने के बावजूद वह बिल्कुल सही सलामत थे। ट्रेन गुजरने के बाद पुलिसकर्मियों ने बुजुर्ग को पटरी से उठाया और उनके परिजनों को फोन करके हादसे के बारे में अवगत करवाया। पुलिस ने बुजुर्ग को चिकित्सीय जांच के लिए सिविल अस्पताल भेजा, जहां से उनको जांच के बाद घर भेज दिया गया।
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हादसे के बाद लगी लोगों की भीड़।
- फोटो : सोशल मीडिया
पटियाला में भी हो चुका ऐसा हादसा
इससे पहले मार्च महीने में पटियाला में भी ऐसा ही हादसा सामने आया था। यहां हेड कांस्टेबल रघुबीर सिंह ने जांबाजी दिखा रिम बहादुर नाम के यात्री की जान बचा ली थी। दरअसल, पटियाला रेलवे स्टेशन पर चलती ट्रेन में बिना टिकट चढ़ने के चक्कर में व्यक्ति का पैर फिसल गया था। रिम बहादुर नाम का व्यक्ति ट्रेन के साथ 30 मीटर दूर तक घसीटता चला गया था। गनीमत यह रही कि वहां मौजूद आरपीएफ के हेड कांस्टेबल रघुबीर सिंह ने उसे बचा लिया था।