पांच दिन पहले दिव्यांग लड़की को गोद में उठाकर लिए थे सात फेरे और अब पहले करवा चौथ में किया चांद का दीदार। दिलकश तस्वीरें...
पांच दिन पहले गोद में उठाकर लिए 7 फेरे...दिव्यांग लड़की का पहला करवा चौथ...देखें दिलकश तस्वीरें
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पांच दिन पहले प्रेम विवाह रचाने वाले अमित-रानो का करवाचौथ भी अनूठा रहा। शारीरिक कमजोरी के बावजूद रानो ने अमित के लिए व्रत किया और देर रात अमित उसे गोद में उठाकर छत पर लेकर गए, जहां उन्होंने व्रत खोला। रानो ने अमित को ही हर जन्म में पति के रूप में पाने की इच्छा जाहिर की।
प्रेम विवाह करने के पांच दिन बाद ही रानो की जिंदगी में खुशी का वह पल आया जिसे वह कभी भुला नहीं सकती। दोनों हरियाणा के हिसार के बरवाला में रानो के घर रह रहे हैं। रानो का अमित के अलावा कोई नहीं है। अमर उजाला से बात करते हुए रानो ने बताया कि वह बहुत अच्छा महसूस कर रही है और उसे इतनी खुशी है कि वह शब्दों में बयां नहीं कर सकती।
अमित के साथ से उसका मनोबल बढ़ा है। उसने बताया कि करवाचौथ का व्रत रखकर उसने अपने पति अमित के लिए न केवल लंबी उम्र की दुआ की, बल्कि भगवान से यह प्रार्थना भी की कि हर जन्म में उसे अमित ही पति के रूप में मिले।
कुछ यूं खोला व्रत
अमित ने बताया कि रानो का स्वास्थ्य ठीक नहीं है, फिर भी उन्होंने व्रत रखा। साढ़े 7 बजे के बाद वह कई बार छत गया, लेकिन चांद न निकला देखकर वापस लौट आता। आखिरकार 7.59 बजे चांद निकलते ही अमित अपनी पत्नी रानो को गोद में उठाकर छत पर लेकर गया। उसे कुर्सी पर बैठाकर छलनी से चांद का दीदार कराया। उसे पानी पिलाकर व मिठाई खिलाकर व्रत खुलवाया और फिर नीचे लेकर खाना खिलाया।
पांच दिन पहले रचाया था विवाह
कुम्हारान मोहल्ला निवासी अमित ने दिव्यांग युवती रानो से बुधवार को सनातन धर्म चैरिटेबल ट्रस्ट में प्रेम विवाह रचाया था। लड़की रानो बीए बीएड है और उसके हाथ व पैर काम नहीं कर रहे, जबकि अमित 10वीं पास है और वेल्डिंग का काम करता है। अमित ने कहा कि इस फैसले से उसके माता-पिता खुश नहीं थे, लेकिन यह फैसला उसने और रानो ने मिलकर लिया है। उनको जिंदगी बितानी है और दोनों अपने फैसले से खुश हैं।
यूं हुआ था दोनों में प्यार
अमित के अनुसार वह वेल्डिंग का कार्य करता है। इसी काम से एक बार वह सेवक सभा अस्पताल में वेल्डिंग का काम करने गया था। वहां पर रानो दाखिल थी, जिसके पास उसकी मदद के लिए कोई नहीं था, क्योंकि उसके माता-पिता की मृत्यु हो चुकी थी। ऐसे में इंसानियत के नाते वह उसकी देख-रेख के लिए अस्पताल में रुक गया और लगातार उसकी देखरेख करने लगा, जिससे वह ठीक हो गई। बाद में वह उसे अन्य कई स्थानों पर भी चेकअप के लिए लेकर गया। इसी दौरान दोनों के बीच प्यार हो गया और उन्होंने शादी रचाने का फैसला कर लिया।