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गजबः 8वीं फेल, उम्र 25 साल और फिर भी बन गया 'करोड़पति', आप भी आजमा सकते हैं तरीका

Thu, 24 Jan 2019 09:12 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Thu, 24 Jan 2019 09:12 AM IST
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Weird, Ethical Hacker Trishneet Arora Success Story
त्रिशनीत अरोड़ा
8वीं फेल है और उम्र सिर्फ 25 साल, फिर भी वह करोड़पति बन गया और देश भर में मशहूर है। इसके लिए उसने जो तरीका अपनाया, आप भी आजमा सकते हैं देखिए।
Weird, Ethical Hacker Trishneet Arora Success Story
Trishneet Arora
देश का सबसे अच्छा दिमाग क्लास रूम के आखिरी बेंच पर भी मिल सकता है...! अब्दुल कलाम द्वारा कहीं गई ये पंक्तियां इस बात का सबूत है कि ये जरूरी नहीं कि हर एक टॉपर सफल होगा और ये भी जरूरी नहीं कि क्लास के आखिरी डेस्क पर बैठने वाला असफल होगा। इतिहास में ज्यादातर वो सफल हुए देखे गए हैं जिनमें प्रतिभा है जो कुछ नया कर सकते हैं जो कल्पनाशील है।
Weird, Ethical Hacker Trishneet Arora Success Story
त्रिशनीत अरोड़ा
त्रिशनीत अरोड़ा उन्हीं में से एक है। कौन जानता था कि आठवीं फेल ये छात्र एक दिन भारत का साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट बन जाएगा। पंजाब के लुधियाना के रहने वाले 25 वर्षीय त्रिशनीत अरोड़ा का नाम फोर्ब्स-30 अंडर-30 एशिया 2018 सूची में नाम दर्ज किया गया था। त्रिशनीत साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ, लेखक और टीएसी सिक्योरिटी के संस्थापक व सीईओ हैं। टीएसी सिक्योरिटी एक साइबर सुरक्षा कंपनी है।
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त्रिशनीत अरोड़ा
त्रिशनीत मोहाली स्थित टीएसी सिक्योरिटी देश के बड़े कॉर्पोरेट्स को सेवाएं देती है। मध्यम वर्ग परिवार में जन्मे लुधियाना के त्रिशनीत अरोड़ा का बचपन से ही पढ़ाई में मन नहीं लगता था। उनकी कंप्यूटर में रुचि थी। इस वजह से सारा समय कंप्यूटर के बारे में सोचने-समझने में चला जाता। इसके बाद अन्य विषयों की तैयारी के लिए समय ही नहीं था। उनकी कंप्यूटर और एथिकल हैकिंग में जबरदस्त दिलचस्पी थी।
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त्रिशनीत अरोरा - फोटो : SELF
त्रिशनीत ने बताया कि कंप्यूटिंग पढ़ने में इतना व्यस्त हो गए कि पढ़ाई का समय ही नहीं मिला। दो पेपर नहीं दिए तो परीक्षा में फेल हो गए। इस पर मां और पिता ने अच्छी फटकार लगाई। दोस्त और परिवार के अन्य लोगों ने भी काफी कुछ समझाया, लेकिन कंप्यूटर की तरफ रुचि से रुख नहीं बदला। आठवीं परीक्षा में फेल होने के बाद रेगुलर क्लास छोड़ दी। फिर 12वीं तक की पढ़ाई कॉरेस्पांडेंस से की।
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