छत्तीसगढ़ में दुर्ग के चर्चित रावलमल जैन दंपति हत्याकांड मामले में कोर्ट ने उनके बेटे संदीप जैन को मौत की सजा सुनाई है। सजा सुनते ही संदीप कोर्ट में बेहोश होकर गिर पड़ा। वहीं हत्याकांड में साथ देने वाले दो अन्य दोषियों शैलेंद्र सिंह सागर और भगत सिंह गुरुदत्ता को पांच-पांच साल की सजा सुनाई गई है। संदीप ने संपत्ति की लालच में एक जनवरी 2018 को अपने माता-पिता की गोली मारकर हत्या कर दी थी। मामले की सुनवाई दुर्ग सत्र कोर्ट की विशेष बेंच ने की।
माता-पिता के हत्यारे को फांसी: संपत्ति की लालच में इकलौते बेटे ने मारी थी गोली, सजा सुनते ही बेहोश होकर गिरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दुर्ग
Published by: मोहनीश श्रीवास्तव
Updated Tue, 24 Jan 2023 01:04 PM IST
सार
दुर्ग कोर्ट के विशेष लोक अभियोजक सुरेंद्र प्रसाद शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट के 2012 के जजमेंट का हवाला देते हुए कहा कि कोई बालक जो अपने माता-पिता के संरक्षण में हो। उसके द्वारा यदि उनकी हत्या की जाती है। इस तरह के बालक के लिए मृत्यु की सजा ही उपयुक्त है।
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