हम सभी के घरों में कई ऐसी औषधियों का मसालों के रूप में वर्षों से प्रयोग होता आ रहा है जिन्हें शोधकर्ताओं ने अध्ययनों में कई प्रकार की गंभीर और क्रोनिक बीमारियों के जोखिम को कम करने में असरदार पाया है। हालांकि हम में से ज्यादातर लोग इन लाभ से अनजान होते हैं। लौंग का इस्तेमाल हर घर में होता है, अध्ययनों में इसे कई प्रकार की बीमारियों को नियंत्रित करने में असरदार औषधि के रूप में पाया गया है। अध्ययन में पाया गया है कि लौंग में कई प्रकार के यौगिक होते हैं जो लिवर की सेहत को बेहतर बनाए रखने के साथ ब्लड शुगर के स्तर को कंट्रोल रखने में मदद कर सकते हैं।
सेहत की बात: लिवर और डायबिटीज में अध्ययनकर्ताओं ने इस औषधि को पाया लाभकारी, हर घर में आसानी से उपलब्ध
संक्रमण को ठीक करने में लौंग के लाभ
लौंग में रोगाणुरोधी गुण पाए गए हैं, जिसका अर्थ है कि यह बैक्टीरिया जैसे सूक्ष्मजीवों के विकास को रोकने में मदद कर सकता है। एक टेस्ट-ट्यूब अध्ययन से पता चला है कि लौंग का तेल ई. कोलाई सहित कई अन्य प्रकार के जीवाणुओं को मारने में काफी कारगर हो सकता है। ये बैक्टीरिया फूड पॉइजनिंग का कारण बनते हैं। इसके अलावा लौंग के जीवाणुरोधी गुण ओरल हाइजीन को बढ़ावा देकर मुंह में होने वाले तमाम प्रकार के संक्रमण के खतरे को कम करने में सहायक है।
लिवर स्वास्थ्य में होता है सुधार
अध्ययनों से पता चलता है कि लौंग में फायदेमंद यौगिक लिवर के स्वास्थ्य को ठीक रखने में मदद कर सकते हैं। विशेषतौर पर लौंग में पाए जाने वाले यूजेनॉल यौगिक को लिवर के लिए विशेष रूप से फायदेमंद हो सकता है। पशु अध्ययन में फैटी लिवर डिजीज वाले चूहों को लौंग का तेल का सेवन कराया गया। इससे न सिर्फ लिवर के कार्य में सुधार हुआ बल्कि यह सूजन को कम करने और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करने में भी लाभकारी पाई गई। लौंग में एंटीऑक्सिडेंट में भी उच्च मात्रा में होते हैं, जो ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करके लिवर की बीमारियों को रोकने में मदद कर सकते हैं।
मधुमेह में लौंग के फायदे
शोधकर्ताओं ने पाया कि मधुमेह रोगियों में भी लौंग काफी कारगर औषधि हो सकती है। लौंग में पाए जाने वाले यौगिक रक्त शर्करा को नियंत्रण में रखने में मदद कर सकते हैं। पशु अध्ययन में पाया गया कि लौंग के अर्क ने मधुमेह वाले चूहों में ब्लड शुगर के लेवल को नियंत्रित करने में मदद की। लौंग इंसुलिन के स्राव को बढ़ाने और इंसुलिन का उत्पादन करने वाली कोशिकाओं के कार्य में सुधार करने के लिए भी फायदेमंद पाया गया है।
पेट का अल्सर हो सकता है कम
लौंग में पाए जाने वाले यौगिकों के पेट के अल्सर के इलाज में भी फायदेमंद साबित होने के सबूत मिलते हैं। पेप्टिक अल्सर के रूप में भी जाने जाने वाली यह स्थिति कई प्रकार की दिक्कतों का कारण बनती है। पशुओं पर किए गए अध्ययन में पाया गया कि लौंग में मौजूद तेल गैस्ट्रिक बलगम के उत्पादन को बढ़ाने में सहायक है। यह बलगम पेट की परत के क्षरण को रोकने में मदद करता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
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