{"_id":"6909c2b9362c92ca6c0d8309","slug":"harmanpreet-kaur-s-leadership-under-question-former-captain-backs-mandhana-to-take-over-it-s-overdue-2025-11-04","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Harmanpreet Kaur: विश्व विजेता कप्तान का होगा रोहित जैसा हश्र? इस दिग्गज ने मंधाना को कमान सौंपने की मांग की","category":{"title":"Cricket News","title_hn":"क्रिकेट न्यूज़","slug":"cricket-news"}}
Harmanpreet Kaur: विश्व विजेता कप्तान का होगा रोहित जैसा हश्र? इस दिग्गज ने मंधाना को कमान सौंपने की मांग की
Tue, 04 Nov 2025 02:39 PM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Tue, 04 Nov 2025 02:39 PM IST
सार
शांता ने कहा, 'जब कोई बदलाव जीत के तुरंत बाद होता है, तो वह निर्णय सभी को अच्छा नहीं लगता। लेकिन भारतीय क्रिकेट के भविष्य और हरमनप्रीत के अपने हित में यही सही समय है।
विज्ञापन
हरमनप्रीत और रोहित
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की ऐतिहासिक वर्ल्ड कप जीत के बाद, अब टीम की कप्तानी को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। भारत की पूर्व कप्तान शांता रंगास्वामी ने कहा है कि हरमनप्रीत कौर को अब कप्तानी की जिम्मेदारी स्मृति मंधाना को सौंप देनी चाहिए। उनका मानना है कि टीम के दीर्घकालिक भविष्य के लिए यह बदलाव जरूरी है।
रोहित शर्मा
- फोटो : ANI
अगर ऐसा होता है तो हरमनप्रीत का रोहित शर्मा जैसा हश्र होगा। रोहित ने 2023 में भारत को वनडे विश्व कप के फाइनल में पहुंचाया था, जबकि इसी साल चैंपियंस ट्रॉफी में जीत दिलाई थी, लेकिन अचानक उन्हें कप्तानी से हटाकर शुभमन गिल को जिम्मेदारी सौंप दी गई। हाल ही में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर रोहित बतौर बल्लेबाज खेले थे।
हरमनप्रीत और मंधाना
- फोटो : BCCI Women
'यह फैसला देर से ही सही, पर अब जरूरी है'
रंगास्वामी ने पीटीआई से बातचीत में कहा, 'यह फैसला अब काफी देर से होना चाहिए था। हरमन एक शानदार बल्लेबाज और बेहतरीन फील्डर हैं, इसमें कोई शक नहीं। लेकिन रणनीतिक तौर पर वे कभी-कभी लड़खड़ा जाती हैं। मुझे लगता है कि अगर कप्तानी का बोझ उनके कंधों से हटा दिया जाए, तो वे और बेहतर प्रदर्शन कर सकती हैं।'
उन्होंने कहा, 'जब कोई बदलाव जीत के तुरंत बाद होता है, तो वह निर्णय सभी को अच्छा नहीं लगता। लेकिन भारतीय क्रिकेट के भविष्य और हरमनप्रीत के अपने हित में यही सही समय है। उनके पास अभी तीन-चार साल का बेहतरीन क्रिकेट बचा है। कप्तानी छोड़ने से उन्हें अपनी बल्लेबाजी पर और फोकस करने का मौका मिलेगा। वहीं स्मृति मंधाना को सभी फॉर्मेट्स की कप्तानी देनी चाहिए ताकि आने वाले वर्ल्ड कप्स की तैयारी हो सके।'
रंगास्वामी ने पीटीआई से बातचीत में कहा, 'यह फैसला अब काफी देर से होना चाहिए था। हरमन एक शानदार बल्लेबाज और बेहतरीन फील्डर हैं, इसमें कोई शक नहीं। लेकिन रणनीतिक तौर पर वे कभी-कभी लड़खड़ा जाती हैं। मुझे लगता है कि अगर कप्तानी का बोझ उनके कंधों से हटा दिया जाए, तो वे और बेहतर प्रदर्शन कर सकती हैं।'
उन्होंने कहा, 'जब कोई बदलाव जीत के तुरंत बाद होता है, तो वह निर्णय सभी को अच्छा नहीं लगता। लेकिन भारतीय क्रिकेट के भविष्य और हरमनप्रीत के अपने हित में यही सही समय है। उनके पास अभी तीन-चार साल का बेहतरीन क्रिकेट बचा है। कप्तानी छोड़ने से उन्हें अपनी बल्लेबाजी पर और फोकस करने का मौका मिलेगा। वहीं स्मृति मंधाना को सभी फॉर्मेट्स की कप्तानी देनी चाहिए ताकि आने वाले वर्ल्ड कप्स की तैयारी हो सके।'
विज्ञापन
विज्ञापन
स्मृति मंधाना और हरमनप्रीत कौर
- फोटो : ANI
शांता ने रोहित का दिया उदाहरण
रंगास्वामी ने इस संदर्भ में पुरुष टीम के कप्तान रोहित शर्मा का उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा कि चयनकर्ताओं ने टीम के भविष्य को ध्यान में रखते हुए, चैंपियंस ट्रॉफी जिताने के बाद भी रोहित से आगे बढ़ने का फैसला किया था। उन्होंने कहा, 'रोहित के मामले में भी चयनकर्ताओं ने यही किया। उन्होंने सफलता के बावजूद टीम के भविष्य को देखते हुए बदलाव किए। महिला टीम के लिए भी अब वही समय है।'
रंगास्वामी ने इस संदर्भ में पुरुष टीम के कप्तान रोहित शर्मा का उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा कि चयनकर्ताओं ने टीम के भविष्य को ध्यान में रखते हुए, चैंपियंस ट्रॉफी जिताने के बाद भी रोहित से आगे बढ़ने का फैसला किया था। उन्होंने कहा, 'रोहित के मामले में भी चयनकर्ताओं ने यही किया। उन्होंने सफलता के बावजूद टीम के भविष्य को देखते हुए बदलाव किए। महिला टीम के लिए भी अब वही समय है।'
विज्ञापन
स्मृति मंधाना-हरमनप्रीत कौर
- फोटो : ANI
'गेंदबाजी और फील्डिंग चिंता का विषय'
हालांकि रंगास्वामी टीम की वर्ल्ड कप जीत से बेहद खुश दिखीं, लेकिन उन्होंने टीम की कमजोरियों की ओर भी इशारा किया। उन्होंने कहा, 'हमारे समय में बल्लेबाजी कमजोर कड़ी होती थी, लेकिन अब बल्लेबाजी मजबूत नजर आती है। हालांकि गेंदबाजी चिंता का विषय है और फील्डिंग में भी सुधार की जरूरत है।' उन्होंने कहा, 'ऑस्ट्रेलिया इसलिए हारा क्योंकि उनकी गेंदबाजी कमजोर थी। पाकिस्तान और बांग्लादेश की गेंदबाजी उनसे बेहतर थी। हमारे बल्लेबाजों ने बेहतरीन काम किया और वही जीत की सबसे बड़ी वजह रहे।'
हालांकि रंगास्वामी टीम की वर्ल्ड कप जीत से बेहद खुश दिखीं, लेकिन उन्होंने टीम की कमजोरियों की ओर भी इशारा किया। उन्होंने कहा, 'हमारे समय में बल्लेबाजी कमजोर कड़ी होती थी, लेकिन अब बल्लेबाजी मजबूत नजर आती है। हालांकि गेंदबाजी चिंता का विषय है और फील्डिंग में भी सुधार की जरूरत है।' उन्होंने कहा, 'ऑस्ट्रेलिया इसलिए हारा क्योंकि उनकी गेंदबाजी कमजोर थी। पाकिस्तान और बांग्लादेश की गेंदबाजी उनसे बेहतर थी। हमारे बल्लेबाजों ने बेहतरीन काम किया और वही जीत की सबसे बड़ी वजह रहे।'