नए कप्तान श्रेयस अय्यर की कप्तानी में दिल्ली डेयरडेविल्स को 2018 में आईपीएल 11 क्रिकेट के प्ले ऑफ में पहुंचने की अपनी चुनौती बनाए रखने के लिए अब राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ बुधवार को यहां खेल जाने वाले मैच सहित बाकी छह मैचों में बस जीत और जीत चाहिए। गौतम गंभीर के सीजन के अधबीच कप्तानी छोडने के बाद कमान संभालने वाले श्रेयस ने केकेआर के खिलाफ बतौर कप्तान अपने पहले मैच में तूफानी पारी खेल दिल्ली को जब अपने पहले ही मैच में जीत दिलाई तो लगा की टीम ने अपनी रंगत पा ली है।
DDvRR: दिल्ली के रणबांकुरों के लिए 'करो या मरो' का मुकाबला आज, सामने है राजस्थान रॉयल्स की चुनौती
दिल्ली की बदकिस्मती है अब तक के आठ मैचों में ऋषभ पंत (306 रन) और कप्तान श्रेयस अय्यर (257) जैसे युवा तुर्कों को छोड़ कर उसके ज्यादातर बाकी बल्लेबाज संघर्ष करते नजर आए। दिल्ली की आठ मैचों में छठी हार से उसकी प्ले ऑफ में पहुंचने की राह और मुश्किल हो गई है। राजस्थान रॉयल्स के सात मैचों में तीन जीत और चार हार के साथ छह अंक हैं। राजस्थान अपने घर जयपुर में मेहमान सनराइजर्स हैदराबाद से और दिल्ली डेयरडेविल्स पुणे चेन्ने सुपर किंग्स से हारने के बाद जीत की राह पर लौटने की कोशिश करेंगी और ऐसे में दिलचस्प मुकाबले की उम्मीद है।
दिल्ली डेयरडेविल्स राजस्थान से उसके घर में जयपुर में बारिश की मार के चलते डकवर्थ लुईस आधार पर 10 रन से हार गई थी। अपने घर में राजस्थान से हिसाब चुकता करने और जीत की राह पर वापस लौटने के लिए दिल्ली के रंग में चल रहे पंत और अय्यर जैसे दोनों युवा तुर्कों के साथ उसके शीर्ष क्रम में एक अन्य युवा तुर्क पृथ्वी शॉ के साथ अनुभवी कॉलिन मुनरो, ग्लेन मैक्सवेल को बड़े स्ट्रोक खेल अपनी रंगत दिखा कर टीम को बड़े स्कोर तक पहुंचाना होगा।
पंत और अय्यर के साथ दिल्ली के शीर्ष क्रम को राजस्थान के रफ्तार के साथ धार दिखाने में माहिर वेस्ट इंडीज के 23 बरस के रफ्तार के सौदागर जेफ्रा आर्चर से खासतौर पर चौकस रहना होगा। आर्चर बिग बैश लीग, बांग्लादेश प्रीमियर लीग और बांग्लादेश प्रीमियर लीग में खेल कर खुद को टी-20 लीग का तुरुप का गेंदबाज साबित कर चुके हैं। आर्चर के साथ राजस्थान रॉयल्स के पास बेन स्टोक्स, कृष्णप्पा गौतम और स्टुअर्ट बिन्नी के रूप में तेज गेंदबाजों के रूप में पर्याप्त विकल्प हैं लेकिन न्यूजीलैंड के लेग स्पिनर ईश सोढ़ी की मौजूदगी के बावजूद स्पिन गेंदबाजी उसकी कमजोर कड़ी नजर आती
राजस्थान रॉयल्स के लिए अभी तक इस सीजन में उसके सात मैचों संजू सैमसन (279 रन) और कप्तान अजिंक्य रहाणे (225) और इंग्लैंड के बेन स्टोक्स अैर जोस बटलर रंग मे हैं। स्टोक्स और बटलर ने सौ-सौ से ज्यादा रन जरूर हैं लेकिन उसके शीर्ष क्रम में टी-20 के मिजाज के मुताबिक दनादन अंदाज में रन अकेले संजू सैमसन ने ही बनाए हैं। राजस्थान के अब तक चार मैचों में हार का बड़ा कारण सैमसन को छोड़ कर उसके शीर्ष क्रम में कप्तान रहाणे का तेजी से रन बनाने में नाकाम रहना है।
दिल्ली के गेंदबाजों की कोशिश सैमसन और स्टोक्स पर नकेल कसने की होगी।दिल्ली के लिए एक उत्साहवर्धक बात यह है कि न्यूजीलैंड के रफ्तार के सौदागर ट्रेंट बोल्ट (11विकेट) , यंग आवेश खान (4 विकेट) व लियाम प्लेंकेट (3 विकेट) और अनुभवी लेग स्पिनर अमित मिश्रा (4 विकेट) ने अब अपनी लय पा ली है। दिल्ली यदि अपने गेंदबाजी आक्रमण में कुछ बदलाव करती है तो दक्षिण अफ्रीका के पीठ की चोट के कारण बाहर होने वाले अपने पेसर क्रिस मॉरिस की जगह शामिल किए जूनियर डाला को उतार कर तुरुप चाल चल सकती है। ऐसे में बोल्ट, आवेश, प्लेंकेट और डाला की चौकव्ड़ी राजस्थान के शीर्ष क्रम को सस्ते में आउट कर पैवेलियन लौटा देती है तो दिल्ली जीत की राह पर लौट सकती है।