कहते हैं कि पूत के पैर पालने में ही दिख जाते हैं और अगर इरादे हो मजबूत तो उम्र से भला क्या ताल्लुक। जी हां, हम बात कर रहे हैं 18 वर्षीय पृथ्वी शॉ के बारे में। दअसल, शॉ ने 14 साल की उम्र में ही स्कूली क्रिकेट में धमाल किया था।
14 साल की उम्र में शॉ ने जड़े थे 85 चौके, अब विंडीज के खिलाफ धूम मचाने को तैयार
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बता दें कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने वेस्टइंडीज के खिलाफ गुरुवार से राजकोट में शुरू होने वाले पहले टेस्ट के लिए 12 सदस्यीय भारतीय टीम का ऐलान कर दिया है। वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट से एक दिन पहले ही टीम इंडिया ने बता दिया कि उसकी अंतिम एकादश क्या होगी। हालांकि, यह तय हो चुका है कि पृथ्वी शॉ टेस्ट क्रिकट में डेब्यू करने वाले भारत के 293वें क्रिकेटर होंगे। 18 वर्षीय बल्लेबाज ने पिछले कुछ समय में बेहतरीन प्रदर्शन करके चयनकर्ताओं को काफी प्रभावित किया है और अब वह टेस्ट में डेब्यू करने वाले हैं। इससे पहले इंग्लैंड के खिलाफ उनका सिलेक्शन हुआ था, लेकिन वह एक भी मैच खेल नहीं पाए थे।
पृथ्वी पहली बार 14 साल की उम्र में साल 2013 में सुर्खियों में आए। उस समय उन्होंने रिजवी स्कूल की तरफ से खेलते हुए अंडर-16 स्कूल टूर्नामेंट में 300 गेंदों में 546 रन बनाकर विश्व रिकॉर्ड कायम किया।
शॉ ने पिछले साल रणजी और दलीप ट्रॉफी के डेब्यू मैच में शतक जड़कर टीम इंडिया के पूर्व दिग्गज खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर के रिकॉर्ड की बराबरी की।
पृथ्वी ने रणजी ट्रॉफी में डेब्यू मैच में ही शतक जड़ा था। उन्होंने साल 2016-17 में मुंबई की तरफ से खेलते हुए तमिलनाडु के खिलाफ 120 रन की पारी खेली थी और वह मुकाबला मुंबई 6 विकेट से जीता था।