हरियाणा के सबसे पिछड़े जिले नूंह के गांव शिकरावा से ताल्लुक रखने वाले ऑलराउंडर शाहबाज अहमद को जिंबाब्वे दौरे के लिए भारतीय क्रिकेट टीम में शामिल किया है। वैसे तो हरियाणा के कई खिलाड़ी टीम इंडिया के लिए क्रिकेट खेल चुके हैं लेकिन मेवात क्षेत्र से भारतीय टीम में शामिल होने का गौरव शाहबाज को मिला है। शाहबाज के क्रिकेटर बनने की कहानी रोचक और संघर्षपूर्ण है। छोटी सी उम्र में रेडियो पर जसदेव सिंह और सुशील दोषी की कमेंट्री सुनकर शाहबाज ने क्रिकेटर बनने की ठान ली थी।
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शाहबाज अहमद
- फोटो : सोशल मीडिया
शाहबाज के 73 वर्षीय दादा इशाक मोहम्मद कहते हैं कि वह विश्वास नहीं कर सकते कि कमेंट्री सुनकर क्रिकेट बनने का सपना पालने वाला मेरा पोता भारतीय क्रिकेट टीम के लिए चुना गया है। शाहबाज को वाशिंगटन सुंदर के चोटिल होने के बाद टीम में जगह मिली है। बृहस्पतिवार को हुए पहले मैच में उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण का मौका नहीं मिल सका। सीरीज में दो मैच बाकी हैं, जिनमें उन्हें खेलने का अवसर मिल सकता है।
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क्रिकेट सीखने के लिए जाते थे 13 किलोमीटर दूर
शाहबाज के पिता जान अहमद नूह में सब डिविजनल मैजिस्ट्रेट न्यायालय में रीडर के पद पर तैनात थे। इसके बाद उनका तबादला पानीपत जिले के हथीन में हो गया। शाहबाज के अंदर चार वर्ष की उम्र से ही क्रिकेट खेलने की लगन थी। पिता भी उनको अभ्यास कराते थे। जान अहमद का जब हथीन तबादला हुआ तो वह शाहबाज को क्रिकेट के लिए एक एकेडमी में भेजने लगे। नौकरी की वजह से पिता साथ नहीं जा सकते थे। वहीं आर्थिक स्थिति इतनी अच्छी नहीं थी कि वे निजी वाहन से शाहबाज को एकेडमी तक भेज सकें। 15 वर्ष की उम्र में शाहबाज करीब 13 किलोमीटर का सफर तय कर बस से अकेले एकेडमी जाते थे।
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हरियाणा में मौका नहीं मिला तो पहुंचे बंगाल, गांगुली ने की पहचान
शाहबाज में प्रतिभा बचपन से ही थी। उन्हें हरियाणा की टीम में खेलने का मौका नहीं मिला। इसके बाद वह कोलकाता पहुंच गए। वहां के तपन मेमोरियल क्लब के लिए खेलने लगे। क्लब के कोच सौराशीष लाहिड़ी ने सौरव गांगुली (जब वह बंगाल क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष थे) से शाहबाज के बारे में बात की। गांगुली ने शाहबाज को खेलते हुए देखा तो वह उससे प्रभावित हुए। इसके बाद बंगाल की अंडर-23 टीम में उन्हें चुन लिया गया।
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रणजी सेमीफाइनल में आठ विकेट लिए और 138 रन बनाए
शाहबाज इस साल रणजी ट्रॉफी के सेमीफाइनल में बंगाल की ओर से मध्यप्रदेश के खिलाफ खेले थे। सेमीफाइनल में बंगाल की टीम हार गई थी, लेकिन शाहबाज का प्रदर्शन शानदार रहा था। उन्होंने पहली पारी में तीन और दूसरी पारी में पांच विकेट लिए। वहीं बल्लेबाजी में पहली पारी में 116 रन बनाए। दूसरी पारी में नाबाद 22 रन जोड़े।