चयनकर्ताओं पर बरसे मुरली विजय, जमकर निकाली दिल की भड़ास
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दरअसल, मुरली विजय ने 'मुंबई मिरर' से बातचीत के दौरान कहा, 'उन्हें टीम से बाहर किए जाने से पहले कोई जानकारी नहीं दी गई थी। विजय से पूछा गया कि क्या टीम मैनेजमेंट ने उन्हें बाहर करने से पहले बातचीत की थी। उसपर उन्होंने कहा, बिल्कुल भी नहीं। न तो मुख्य चयनकर्ता और न ही टीम से जुड़े किसी अन्य सदस्य ने इंग्लैंड में मुझे इसकी जानकारी दी।'
विजय ने कहा कि ये एक अहम बात है कि खिलाड़ी को मालूम होना चाहिए कि उसे किस कारण से टीम से बाहर किया गया है। अगर उसे इसकी वजह मालूम होगी तो उसे ये भी पता चल जाएगा कि वो सेलेक्टर्स और टीम मैनेजमेंट की योजनाओं में कहां खड़ा हुआ है। इसके साथ ही खिलाड़ी को ये पता चल सके कि उसने गलती कहां की और टीम मैनेजमेंट और चयनकर्ताओं की उस खिलाड़ी को लेकर क्या योजना है।
गौरतलब है कि हरभजन सिंह ने भी करुण नायर को बाहर किए जाने का मुद्दा उठाया था। उनका कहना था कि एक खिलाड़ी तीन महीने से टीम के साथ बैंच पर बैठा रहा। उसे एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला और अचानक उसे बाहर कर दिया गया। मुरली विजय ने हरभजन सिंह की बात का समर्थन करते हुए कहा, 'एक खिलाड़ी को ये बताया जाना चाहिए कि आखिरी क्यों उसे टीम से बाहर किया जा रहा है ताकि उसे पता तो रहे कि वो टीम मैनेजमेंट और सिलेक्टर्स की नजरों में कहां हूं।'
विजय ने टीम से बाहर होने के बाद इंग्लिश काउंटी में एसेक्स की तरफ से खेलते हुए एक शतक और तीन अर्धशतक लगाए। फिलहाल वो विजय हजारे ट्रॉफी में तमिलनाडु की तरफ से खेल रहे हैं। विजय ने कहा, 'साल 2014-15 में ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान मैने वहां 482 रन बनाए थे। मुझे वहां की पिचों के बारे में काफी जानकारी है। मैं अपने तरीके से ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए तैयारी कर रहा हूं। मैं मौके की तलाश कर रहा हूं। इससे पहले मैं घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन कर अपनी दावेदारी मजबूत करने का प्रयास कर रहा हूं।'