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Vaibhav Suryavanshi: क्या अंडर-19 क्रिकेट वैभव के करियर को तबाह कर देगा? उनके टीम में चुने जाने पर उठे सवाल!
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Fri, 16 Jan 2026 11:45 AM IST
सार
डब्ल्यू.वी. रमन ने कहा कि वैभव सूर्यवंशी जैसे युवा को अंडर-19 के बजाय उच्च स्तर पर खेलने का मौका मिलना चाहिए, क्योंकि यह उनके विकास को तेज कर सकता है। जबकि चयनकर्ता इसे संरचित विकास का अहम हिस्सा मानते हैं। सूर्यवंशी की प्रतिभा और उनके करियर की दिशा को लेकर अब क्रिकेट जगत में नई बहस शुरू हो गई है।
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वैभव सूर्यवंशी
- फोटो : ANI
भारत के उभरते बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को लेकर एक नई बहस सामने आई है। पूर्व भारतीय क्रिकेटर डब्ल्यू.वी. रमन ने यह सवाल उठाया है कि क्या इस स्तर पर अंडर-19 क्रिकेट खेलना सूर्यवंशी के लिए फायदेमंद है या फिर यह उनके करियर की रफ्तार को कम कर सकता है।
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डब्ल्यूवी रमन
- फोटो : Twitter
रमन ने क्या कहा?
रमन ने सोशल मीडिया पर लिखा कि सूर्यवंशी अब उस स्तर से आगे बढ़ चुके हैं जहां अंडर-19 क्रिकेट उनकी प्रगति को चुनौती दे सके। उनका कहना था कि इतनी उन्नत अवस्था में U-19 खेलना दीर्घकालिक विकास के लिए हानिकारक हो सकता है।
रमन ने लिखा, 'यह एक अलोकप्रिय राय हो सकती है। सूर्यवंशी ने ए-सीरीज और आईपीएल में बेहद अच्छा प्रदर्शन किया है। इस स्तर पर उसे अंडर-19 में खिलाना उसकी ग्रोथ के लिए नुकसानदेह हो सकता है। वह मैच जिता सकता है, इसमें कोई शक नहीं, लेकिन हमेशा बड़ी तस्वीर देखनी चाहिए।' उनके इस बयान ने क्रिकेट फैन और विशेषज्ञों के बीच चर्चा को जन्म दे दिया है।
रमन ने सोशल मीडिया पर लिखा कि सूर्यवंशी अब उस स्तर से आगे बढ़ चुके हैं जहां अंडर-19 क्रिकेट उनकी प्रगति को चुनौती दे सके। उनका कहना था कि इतनी उन्नत अवस्था में U-19 खेलना दीर्घकालिक विकास के लिए हानिकारक हो सकता है।
रमन ने लिखा, 'यह एक अलोकप्रिय राय हो सकती है। सूर्यवंशी ने ए-सीरीज और आईपीएल में बेहद अच्छा प्रदर्शन किया है। इस स्तर पर उसे अंडर-19 में खिलाना उसकी ग्रोथ के लिए नुकसानदेह हो सकता है। वह मैच जिता सकता है, इसमें कोई शक नहीं, लेकिन हमेशा बड़ी तस्वीर देखनी चाहिए।' उनके इस बयान ने क्रिकेट फैन और विशेषज्ञों के बीच चर्चा को जन्म दे दिया है।
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वैभव सूर्यवंशी
- फोटो : BCCI
अलग रास्ते पर चल रहे सूर्यवंशी
वैभव सूर्यवंशी की कहानी भारतीय क्रिकेट में काफी अनोखी है। महज 14 साल की उम्र में उन्होंने वह हासिल कर लिया है, जो कई खिलाड़ी वर्षों में नहीं कर पाते। एक नजर उनकी उपलब्धियों पर-
वैभव सूर्यवंशी की कहानी भारतीय क्रिकेट में काफी अनोखी है। महज 14 साल की उम्र में उन्होंने वह हासिल कर लिया है, जो कई खिलाड़ी वर्षों में नहीं कर पाते। एक नजर उनकी उपलब्धियों पर-
- भारत ए टीम के लिए खेल चुके और अनुभव हासिल कर चुके। राइजिंग स्टार्स एशिया कप में कई धुआंधार पारियां खेलीं।
- 13 साल की उम्र में आईपीएल ऑक्शन में खरीदे गए और सबसे कम उम्र के बिकने वाले खिलाड़ी बने।
- डेब्यू आईपीएल सीजन में सात मैचों में 252 रन बनाए। औसत 36 का और स्ट्राइक रेट 206.55 का रहा। एक शतक और एक अर्धशतक।
वैभव सूर्यवंशी
- फोटो : अमर उजाला
तेज शतकों की झड़ी लगाई
- आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलते हुए उन्होंने धमाकेदार शतक जड़ा जिसने पूरी क्रिकेट दुनिया का ध्यान खींचा। उन्होंने 35 गेंद में शतक लगाकर यूसुफ पठान का रिकॉर्ड तोड़ा। यह आईपीएल में भारतीय खिलाड़ी द्वारा सबसे तेज शतक रहा।
- अंडर-19 स्तर पर भी उनका दबदबा जारी है। अंडर-19 एशिया कप में उन्होंने यूएई के खिलाफ 171 रन बनाए। साथ ही दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ शतक जड़ा। अंडर-19 विश्व कप से पहले वॉर्म अप मैच में 96 रन बनाए। इतने कम उम्र में ऐसा प्रदर्शन बेहद दुर्लभ है।
- इसके अलावा वह विजय हजारे ट्रॉफी जैसे सीनियर क्रिकेटरों की घरेलू प्रतियोगिता में भी 36 गेंद में शतक लगा चुके हैं। लगभग हर शतकीय पारी में उनका स्ट्राइक रेट 150 के पार रहा है।
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वैभव सूर्यवंशी
- फोटो : BCCI/PTI
सेलेक्टर्स की दलील: संरचना और दबाव जरूरी
चयनकर्ताओं का मानना है कि सूर्यवंशी को अंडर-19 वर्ल्ड कप खेलना चाहिए क्योंकि-
चयनकर्ताओं का मानना है कि सूर्यवंशी को अंडर-19 वर्ल्ड कप खेलना चाहिए क्योंकि-
- यह संरचित प्रतियोगिता है।
- नेतृत्व और अनुशासन सीखने का मौका है।
- वैश्विक स्तर पर दबाव संभालने का अनुभव मिलता है।
- उनके मुताबिक, खिलाड़ियों के विकास में उम्र-ग्रुप टूर का बड़ा योगदान होता है।