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शिवम दुबे की कहानी: ओवरवेट होने के कारण छोड़ा था क्रिकेट, फिर ऐसी की वापसी और बन गए दो बार के विश्व चैंपियन
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Fri, 26 Jun 2026 10:16 AM IST
सार
भारतीय क्रिकेट के स्टार ऑलराउंडर शिवम दुबे की कहानी संघर्ष, धैर्य और वापसी की मिसाल है। आर्थिक तंगी और बढ़ते वजन के कारण उन्हें किशोरावस्था में क्रिकेट छोड़ना पड़ा था, लेकिन पांच साल बाद उन्होंने शानदार वापसी की। आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स के लिए दमदार प्रदर्शन और भारतीय टीम में लगातार प्रभावशाली खेल की बदौलत वह दो टी20 विश्व कप जीतने वाली टीम का अहम हिस्सा बने।
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शिवम दुबे और अंजुम
- फोटो : Instagram
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भारतीय क्रिकेट टीम के विस्फोटक ऑलराउंडर शिवम दुबे आज उन खिलाड़ियों में गिने जाते हैं, जिन पर टीम मुश्किल परिस्थितियों में भरोसा करती है। बड़े-बड़े छक्के लगाने की उनकी क्षमता और जरूरत पड़ने पर उपयोगी गेंदबाजी ने उन्हें सीमित ओवरों की टीम का अहम सदस्य बना दिया है। लेकिन यहां तक पहुंचने का उनका सफर बिल्कुल आसान नहीं रहा।
शिवम दुबे और अंजुम
- फोटो : Instagram
दुबे का परिवार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के भदोही का रहने वाला
26 जून 1993 को मुंबई में जन्मे शिवम दुबे का परिवार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के भदोही का रहने वाला है। बचपन से ही क्रिकेट के प्रति उनका जुनून था और उन्होंने कम उम्र में ही इस खेल को अपना लक्ष्य बना लिया था। हालांकि, 14 साल की उम्र में उनकी जिंदगी ने ऐसा मोड़ लिया, जिसने उनके क्रिकेट करियर पर लगभग विराम लगा दिया।
आर्थिक तंगी के कारण नियमित प्रशिक्षण और फिटनेस पर ध्यान देना मुश्किल हो गया। धीरे-धीरे उनका वजन काफी बढ़ गया और उन्हें क्रिकेट छोड़ना पड़ा। कई खिलाड़ियों के लिए ऐसी स्थिति करियर का अंत साबित होती है, लेकिन शिवम ने हार मानने के बजाय वापसी की तैयारी शुरू कर दी।
26 जून 1993 को मुंबई में जन्मे शिवम दुबे का परिवार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के भदोही का रहने वाला है। बचपन से ही क्रिकेट के प्रति उनका जुनून था और उन्होंने कम उम्र में ही इस खेल को अपना लक्ष्य बना लिया था। हालांकि, 14 साल की उम्र में उनकी जिंदगी ने ऐसा मोड़ लिया, जिसने उनके क्रिकेट करियर पर लगभग विराम लगा दिया।
आर्थिक तंगी के कारण नियमित प्रशिक्षण और फिटनेस पर ध्यान देना मुश्किल हो गया। धीरे-धीरे उनका वजन काफी बढ़ गया और उन्हें क्रिकेट छोड़ना पड़ा। कई खिलाड़ियों के लिए ऐसी स्थिति करियर का अंत साबित होती है, लेकिन शिवम ने हार मानने के बजाय वापसी की तैयारी शुरू कर दी।
शिवम दुबे और अंजुम
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पांच साल बाद मैदान पर लौटे और बदल दी किस्मत
करीब पांच साल तक क्रिकेट से दूर रहने के बाद शिवम दुबे ने जब वापसी की तो उनका लक्ष्य सिर्फ टीम में जगह बनाना नहीं, बल्कि खुद को साबित करना था। उन्होंने कड़ी मेहनत कर फिटनेस हासिल की और मुंबई की अंडर-23 टीम में जगह बनाई।
इसके बाद उनका करियर तेजी से आगे बढ़ा। जनवरी 2016 में उन्होंने मुंबई के लिए टी20 क्रिकेट में डेब्यू किया। 2017 में प्रथम श्रेणी और लिस्ट-ए क्रिकेट में भी डेब्यू किया। घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन ने उन्हें भारतीय क्रिकेट के सबसे भरोसेमंद उभरते ऑलराउंडरों में शामिल कर दिया।
करीब पांच साल तक क्रिकेट से दूर रहने के बाद शिवम दुबे ने जब वापसी की तो उनका लक्ष्य सिर्फ टीम में जगह बनाना नहीं, बल्कि खुद को साबित करना था। उन्होंने कड़ी मेहनत कर फिटनेस हासिल की और मुंबई की अंडर-23 टीम में जगह बनाई।
इसके बाद उनका करियर तेजी से आगे बढ़ा। जनवरी 2016 में उन्होंने मुंबई के लिए टी20 क्रिकेट में डेब्यू किया। 2017 में प्रथम श्रेणी और लिस्ट-ए क्रिकेट में भी डेब्यू किया। घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन ने उन्हें भारतीय क्रिकेट के सबसे भरोसेमंद उभरते ऑलराउंडरों में शामिल कर दिया।
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शिवम दुबे और अंजुम
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आईपीएल ने बदली जिंदगी
शिवम दुबे को आईपीएल 2019 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने मौका दिया, लेकिन उनके करियर में असली बदलाव 2022 में आया, जब वह चेन्नई सुपर किंग्स से जुड़े। महेंद्र सिंह धोनी की टीम में उन्हें अपनी भूमिका स्पष्ट मिली। मध्यक्रम में आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए उन्होंने मैच फिनिश करने की कला विकसित की। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा।
सीएसके के लिए उन्होंने लगातार शानदार प्रदर्शन किया। 2022 में 289 रन, 2023 में 418 रन, 2024 में 396 रन, 2025 में 357 रन और 2026 में 270 रन बनाकर टीम के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में अपनी जगह बनाई। आईपीएल में वह अब तक 92 मैचों में 2129 रन और 10 अर्धशतक अपने नाम कर चुके हैं।
शिवम दुबे को आईपीएल 2019 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने मौका दिया, लेकिन उनके करियर में असली बदलाव 2022 में आया, जब वह चेन्नई सुपर किंग्स से जुड़े। महेंद्र सिंह धोनी की टीम में उन्हें अपनी भूमिका स्पष्ट मिली। मध्यक्रम में आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए उन्होंने मैच फिनिश करने की कला विकसित की। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा।
सीएसके के लिए उन्होंने लगातार शानदार प्रदर्शन किया। 2022 में 289 रन, 2023 में 418 रन, 2024 में 396 रन, 2025 में 357 रन और 2026 में 270 रन बनाकर टीम के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में अपनी जगह बनाई। आईपीएल में वह अब तक 92 मैचों में 2129 रन और 10 अर्धशतक अपने नाम कर चुके हैं।
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शिवम दुबे और अंजुम
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रोहित शर्मा का भरोसा, सूर्यकुमार की टीम के भी बने हीरो
घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में शानदार प्रदर्शन के बाद शिवम दुबे को भारतीय टीम में लगातार मौके मिलने लगे। कप्तान रोहित शर्मा ने उनकी ताकत को पहचाना और उन्हें मध्यक्रम में आक्रामक बल्लेबाज की भूमिका सौंपी। शिवम ने इस भरोसे को सही साबित किया। उन्होंने बीच के ओवरों में तेजी से रन बनाकर कई मैचों का रुख बदला। गेंदबाजी में भी जरूरत पड़ने पर महत्वपूर्ण विकेट निकालकर टीम को संतुलन दिया। वह 2024 में रोहित शर्मा और 2026 में सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में टी20 विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम के अहम सदस्य रहे।
घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में शानदार प्रदर्शन के बाद शिवम दुबे को भारतीय टीम में लगातार मौके मिलने लगे। कप्तान रोहित शर्मा ने उनकी ताकत को पहचाना और उन्हें मध्यक्रम में आक्रामक बल्लेबाज की भूमिका सौंपी। शिवम ने इस भरोसे को सही साबित किया। उन्होंने बीच के ओवरों में तेजी से रन बनाकर कई मैचों का रुख बदला। गेंदबाजी में भी जरूरत पड़ने पर महत्वपूर्ण विकेट निकालकर टीम को संतुलन दिया। वह 2024 में रोहित शर्मा और 2026 में सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में टी20 विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम के अहम सदस्य रहे।