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खतरनाक परंपराः यहां रक्षाबंधन पर खून के प्यासे हो जाते हैं लोग!

Fri, 19 Aug 2016 07:58 AM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, देहरादून
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, देहरादून Updated Fri, 19 Aug 2016 07:58 AM IST
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bagwal stone war in uttarakhand devidhura
devidhura mela

प्राचीन काल से चली आ रही एक स्थापित परंपरा के अनुसार उत्तराखंड में रक्षाबंधन के दिन लोग एक दूसरे के खून के प्यासे हो जाते हैं। आइए जानते हैं क्या है ये परंपरा...

bagwal stone war in uttarakhand devidhura
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उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल में मां वाराही धाम में श्रावणी पूर्णिमा (रक्षाबंधन के दिन) को यहां के स्थानीय लोग चार दलों में विभाजित होकर पत्‍थरों से युद्घ करते हैं।

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इन चार दलों को खाम कहा जाता है, जिनमें क्रमशः चम्याल खाम, बालिक खाम, लमगडिया खाम, और गडहवाल होते हैं।

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ये चार दल दो समूहों में बंट जाते हैं और इसके बाद युद्ध होता है जिसमें पत्थरों को अस्त्र के रूप में उपयोग किया जाता है। 
 

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इस पत्थरमार युद्ध को स्थानीय भाषा में ‘बग्वाल’ कहा जाता है। यह बग्वाल कुमाऊं की संस्कृति का अभिन्न अंग है।
 

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