केंद्र सरकार के नेशनल पोर्टल में अपलोड किए गए छह लाख 39 हजार 500 पेंशनरों में से हजारों पेंशनरों के आंकड़ों का मिलान नहीं हो पा रहा है। केंद्र ने उत्तराखंड सरकार को नए सिरे से आंकड़े अपलोड करने को कहा है। सूत्रों की मानें तो पेंशनरों के आधार, उनके बैंक खाते और पतों को लेकर कई तरह की खामियां सामने आ रही हैं, जिनकी वजह से पोर्टल का सॉफ्टवेयर उनकी पुष्टि नहीं कर पा रहा है।
पेंशनर ध्यान दें, केंद्र सरकार के इस फैसले की वजह से खड़ी हो सकती है बड़ी मुसीबत
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इस पूरी कवायद की वजह सभी पेंशनरों को नेशनल पोर्टल के माध्यम से पेंशन देने का फैसला माना जा रहा है। केंद्र सरकार ने सभी प्रदेशों को ताकीद किया है कि वे पेंशन का भुगतान नेशनल पोर्टल से करेंगे। इस निर्देश के तहत समाज कल्याण विभाग के आईटी प्रकोष्ठ ने भी राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा योजना के पोर्टल पर पेंशनरों के आंकड़ों को अपलोड किया। लेकिन आंकड़ों में गड़बड़ी होने की वजह से पूरी कवायद दोबारा करनी पड़ रही है।
निदेशक समाज कल्याण मेजर योगेंद्र यादव का कहना है कि आंकड़ों के मिलान को लेकर जो दिक्कत आई हैं, उन्हें जल्द सुधारकर अपलोड कर दिया जाएगा। उनके मुताबिक, डाटा में कोई दिक्कत नहीं है, दरअसल, एक ही तरह के आंकड़े त्रुटिवश दो बार अपलोड हो गए थे।
केंद्र सरकार का इरादा बेशक पेंशनरों को हर महीने पेंशन का भुगतान करने का है, लेकिन प्रदेश सरकार के लिए ऐसा करना आसान नहीं होगा। दरअसल, पेंशनरों पर प्रदेश सरकार सालाना 800 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। केंद्र सरकार से राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत डेढ़ से दो लाख पेंशनरों को करीब 200 करोड़ रुपये का सालाना भुगतान हो रहा है। केंद्र और प्रदेश सरकार उपयोगिता प्रमाण पत्र के आधार पर हर तीन महीने में पेंशन मद में बजट जारी करती है। कई बार वित्तीय संकट के चलते इसमें देरी भी हो जाती है। नेशनल पोर्टल के माध्यम से हर महीने पेंशन का भुगतान करना कम से कम प्रदेश सरकार के लिए आसान नहीं माना जा रहा है।
पेंशन योजना में आधार की अनिवार्यता को लेकर केंद्र सरकार से अभी तक कोई आदेश नहीं आया है। आदेश की प्रत्याशा में समाज कल्याण विभाग ने बैंक खातों के आधार लिंक न होने पर भी पेंशन का भुगतान जारी रखने का फैसला किया है। सरकार के इस फैसले से 79431 पेंशनरों का फायदा होगा। इन पेंशनरों के आधार लिंक नहीं हो पाए हैं। निदेशक, समाज कल्याण मेजर योगेंद्र यादव का कहना है कि जब तक केंद्र से कोई आदेश नहीं आता, आधार के बगैर भी पेंशन का भुगतान किया जाता रहेगा।