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चीन सीमा का निरीक्षण कर रहे ITBP डीआईजी को दिखा कुछ ऐसा कि हैरत में पड़ गए
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Updated Thu, 08 Feb 2018 07:39 AM IST
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kailash mansarovar
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हेलीकॉप्टर से चीन सीमा का निरीक्षण कर रहे ITBP डीआईजी को बर्फीले पर्वत पर अचानक कुछ ऐसा दिखा कि वह हैरत में पड़ गए।
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- फोटो : dainik jagran
कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग में 14 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित अंतिम भारतीय पड़ाव पर एक पर्वत नजर आता है। कहा जाता है कि यह भगवान शिव का चमत्कार है।
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इस पर्वत पर जब ग्रीष्म (मई-जून) में बर्फ पिघलती है तो 'ऊं' की आकृति स्पष्ट उभर जाती है। इसलिए इसे 'ऊं' पर्वत के नाम से जाना जाता है। लेकिन सर्दीयों में यह पर्वत बर्फ से ढक जाता है।
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कैलाश मानसरोवर यात्रा
- फोटो : फाइल फोटो
इस बार कम बर्फबारी से जनवरी महीने के दूसरे सप्ताह से ही 'ऊं' भी आकृति उभरने लगी है। देहरादून मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह के मुताबिक बर्फबारी न होना ग्लोबल वार्मिंग का परिणाम है।
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कुछ दिन पहले आईटीबीपी बरेली रेंज के डीआईजी एपीएस निंबाडिया हेलीकॉप्टर से चीन सीमा की अग्रिम चौकियों के निरीक्षण पर थे। उन्हें लगभग 19 हजार फीट ऊंचे 'ऊं' पर्वत पर यह आकृति नजर आई। उन्होंने ही पर्वत के फोटो मीडिया को उपलब्ध कराए। इतनी जल्दी पर्वत पर यह आकृति दिखने से वह चौंक गए।