दीवाली पर राशनकार्ड धारकों के लिए खुशखबरी है। सरकार के इस फैसले से उन्हें बड़ा फायदा होने वालाा है। तो देर किस बात की पढ़े ये जरूरी खबर...
दिवाली पर राशनकार्ड धारकों के लिए खुशखबरी, जल्दी से पढ़ें आपके फायदे की ये खबर
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उत्तराखंड में अगले माह से एपीएल कार्ड धारकों को राशन के लिए सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान में लाइन नहीं लगानी पड़ेगी। बल्कि राशन को लेकर मिलने वाली सब्सिडी दीवाली के बाद से सीधे उनके खातों में आयेगी। प्रदेश में वर्तमान में 10 लाख एपीएल कार्ड धारक है। जिनके बैंक एकाउंट में सीधे गेंहू और चावल की सब्सिडी आयेगी। इसके लिए खाद्य सुरक्षा विभाग सभी एपीएल कार्ड धारकों को उनके बैंक एकाउंट और आधार कार्ड से जोड़ रहा है।
दरअसल सरकार धीरे-धीरे सभी प्रक्रिया को ऑन लाइन करके खातों से जोड़ रही है। इसमें बात चाहे पेंशन की हो या सिलेंडर पर मिलने वाली सब्सिडी की। इसी कड़ी में एपीएल कार्ड धारकों को गेंहू और चावल को लेकर मिलने वाली सब्सिडी अब सीधे उनके खातों में मिलेगी। इससे एक तरफ कार्ड के रखरखाव का बोझ कम होगा तो कार्यालयों में सीमित संसाधनों के बीच काम करने वाले कर्मचारियों पर भी अधिक बोझ नहीं पड़ेगा। जबकि दूसरी ओर उपभोक्ता के हक की राशन पर कालाबाजारी का डर भी नहीं रहेगा।
क्योंकि उपभोक्ता के कार्ड से सीधा उसका बैंक एकाउंट नंबर जुड़ जायेगा तो सीधे खाते में राशन के बदले सब्सिडी के रूप में मिलने वाला पैसा आयेगा। बतादें कि प्रति एपीएल कार्ड धारक को हर माह 5 किलो गेंहूं और 10 किलो चावल मिलते हैं। प्रदेश में वर्तमान में करीब 10 लाख एपीएल कार्ड धारक हैं। जबकि अकेले उत्तरकाशी जिले में 30 हजार कार्ड धारक हैं। खातों मे मिलने वाली सब्सिडी के तहत एपीएल कार्ड धारक को 8 रुपए 60 पैसा प्रति किलो गेंहू और 15 रुपए प्रति किलो चावल के लिए मिलेंगे।
अंत्योदय, बीपीएल और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत ही अब सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों में राशन उपलब्ध होगा। वर्तमान में अंत्योदय योजना के तहत प्रति कार्ड पर 21किलो 700 ग्राम चावल और 13 किलो 300 ग्राम गेंहू मिलते हैं। जबकि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत प्रत्येक यूनिट पर तीन किलो चावल और दो किलो गेंहू उपलब्ध होते हैं।