उत्तराखंड के उच्च हिमालयी और मुनस्यारी क्षेत्र में हुई मूसलाधार बारिश ने जमकर तबाही मचाई है। इस तबाही की तस्वीरें देख 2013 में आई केदारनाथ आपदा के जख्म ताजे हो जाएंगे। मुनस्यारी में सेराघाट के दानीबगड़ (मोतीघाट) गाड़ का जलस्तर बढ़ने से हिमालयन हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट की 10 मेगावाट बिजली परियोजना का बांध टूट गया। इसके मलबे में सड़क पर खड़ी एक बोलेरो बह गई। बिजली उत्पादन ठप हो गया है। हिमालयन हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट के मैनेजर जगत सिंह भंडारी ने बताया कि बांध टूटने के साथ ही डायवर्जन टैंक भी ध्वस्त हो गया है।
उत्तराखंड: यहां बारिश ने मचाई ऐसी तबाही जिसकी तस्वीरें देख ताजे हो जाएंगे 2013 की आपदा के जख्म
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इस बीच, राज्य मौसम विज्ञान केंद्र ने पिथौरागढ़, चंपावत, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर जिले में अगले 12 घंटों में भारी बारिश की चेतावनी दी है। मौसम विभाग ने कैलाश मानसरोवर यात्रियों से अलर्ट रहने और राज्य के अधिकारियों के संपर्क में रहने को कहा है। पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी सी रविशंकर ने क्षेत्र में भारी वर्षा की चेतावनी के मद्देनजर विभागों को अलर्ट रहने को कहा है।
उधर, मदकोट के गैला गांव में भूस्खलन से गिरे मलबे के नीचे दबने से गांव की नारायणी देवी (46) पत्नी नंदन सिंह की मौत हो गई। घटना के वक्त वह गैला से रतगड़ी गांव की तरफ जा रही थी। नाचनी के भैंसखाल में रामगंगा में एक अज्ञात व्यक्ति का शव उतराता मिला है। भारी बारिश से तहसील मुनस्यारी, धारचूला और बंगापानी क्षेत्र में 20 सड़कें, पांच संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त हो गए। इनमें से सात सड़कों को यातायात के लिए खोल दिया है। सेराघाट, सुरिंगघाट पुलिया के साथ ही बसंतकोट में तीन पुलियां बह गईं हैं।
नाचनी क्षेत्र के जाकुला में बला और बिर्थी को जोड़ने वाला पैदल पुल, धारचूला में मालपा और नजंग में बनी पैदल पुलिया और दारमा घाटी के तिजम का पुल भी बह गया है। मुनस्यारी और नाचनी क्षेत्र में दो दर्जन से अधिक मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं। गोरी नदी के उफान में आने से धपवा-बसंतकोट सड़क में बन रहा निर्माणाधीन पुल क्षतिग्रस्त हो गया। मुनस्यारी ब्लॉक कार्यालय में मलबा घुस गया। इससे कंप्यूटर और कागजात खराब हो गए। विवेकानंद विद्या मंदिर के दो कमरे, मदकोट पुलिस चौकी, मुनस्यारी का पूरा बाजार मलबे से पट गया है। नाचनी में जाकुला नदी का रुख लाछुली गांव की ओर हो गया है।
मुनस्यारी के मपवालबाड़ा में भूस्खलन के मलबे एक व्यक्ति के 50 खरगोश जिंदा दफन हो गए। रांथी में चार जानवर मलबे में दब कर मर गए। नाचनी में देकुना ग्राम पंचायत के लाछुली गांव में रामगंगा नदी में दो मकान बह गए। रुईसपाटा ग्राम पंचायत के सिरमोला तोक में 12 परिवार खतरे की जद में हैं। इन परिवार के लोगों ने अन्यत्र शरण ली है। बनबसा के पचपकरिया और बमनपुरी में बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं। लोगों के घर चारों तरफ पानी से घिर गए हैं। चोरगलिया ( नैनीताल ) क्षेत्र में कच्चा बंधा नंधौर नदी के उफान पर आने से बह गया।