Pahadi Vibes In Dubai: एक रात के लिए पूरा क्लब बुक कराया, फिर पहाड़ी गीत बजते ही झूमा दुबई
दुबई के एक क्लब में पूरी रात लोग पहाड़ी गीतों पर झूमते रहे। इस अनोखी शाम को साकार किया उत्तराखंड के युवा प्रदीप पुंडरी ने।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दुबई की धरती पर जब पहाड़ी गीतों के सुर गूंजे तो वहां मौजूद हर शख्स को लगा कि मानो उत्तराखंड की वादियों की खुशबू इस चमकते शहर तक पहुंच गई हो।
दुबई के एक क्लब में पूरी रात लोग पहाड़ी गीतों पर झूमते रहे। इस अनोखी शाम को साकार किया उत्तराखंड के युवा प्रदीप पुंडरी ने। उत्तराखंड के संगीत को दुनिया तक पहुंचाने की चाह में प्रदीप ने पूरा क्लब एक दिन के लिए अपने नाम कर लिया, जिससे उस शाम वहां सिर्फ पहाड़ी गीत बजे, लोगों ने उन्हें सुना, उनकी धुनों पर थिरके और उत्तराखंड की लोक-संस्कृति को करीब से महसूस किया।
नई टिहरी के रहने वाले प्रदीप पुंडीर 2018 से दुबई में रह रहे हैं। सोशल मीडिया पर लाखों लोग उन्हें फॉलो करते हैं। दुबई में हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री में काम करने के साथ ही प्रदीप उत्तराखंड म्यूजिक को बढ़ाने के लिए काम कर रहे हैं। हर साल वह दुबई में खास कार्यक्रम करते हैं जिसमें उत्तराखंड के लोगों को विशेष कर आमंत्रित करते हैं।
आयोजन में किसी तरह असुविधा की कोई गुंजाइश न रहे इसलिए वह एक दिन के लिए पूरा क्लब बुक कर लेते हैं। इस बार भी उन्होंने शहर का एक क्लब बुक किया और पूरी रात यहां पहाड़ी गीतों पर लोग झूमते रहे। उत्तराखंड की प्रसिद्ध अभिनेत्री नताशा ने इस खास शाम की रौनक को और बढ़ाया।
एशियन ओपन शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग ट्रॉफी: 14 एशियाई देशों के स्केटर दून में दिखाएंगे हुनर, आज से होगी शुरू
वहीं गीता पिलखवाल और दिव्यांशु नेगी ने इस आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण सहयोग दिया। इन युवाओं की यह पहल सिर्फ मनोरंजन का एक आयोजन नहीं थी बल्कि अपनी मिट्टी, अपनी बोली, अपने संगीत और अपनी संस्कृति को दुनिया के सामने गर्व के साथ रखने की कोशिश थी।
दुबई में गूंजे ये पहाड़ी सुर बता रहे थे कि पहाड़ भले ही हजारों किलोमीटर दूर हो लेकिन उसकी धुनें दिलों तक पहुंचने के लिए किसी दूरी की मोहताज नहीं होतीं। प्रदीप बताते हैं कि यह कोशिश आने वाली पीढ़ी को भी अपनी जड़ों से जोड़ने और पहाड़ी संगीत को देश-दुनिया तक पहुंचाने की एक खूबसूरत पहल है।
आर्मी स्कूल लैंसडाउन से अपनी पढ़ाई करने वाले प्रदीप बताते हैं कि उन्हें पहाड़ी म्यूजिक पर डांस करने का शौक बचपन से रहा है। इसलिए वह अपने डांस के जरिए पहाड़ी संगीत को नए तरीके से लोगों के सामने पेश करते हैं। प्रदीप की एक-एक रील मिलियन में देखी जाती है।
पत्नी के साथ वायरल हुई थी पहली रील
प्रदीप पुंडीर की पहली रील पत्नी के साथ किए गए परफार्मेंस पर वायरल हुई थी। उनकी पत्नी को भी डांस का शौक है। दोनों को एक दूसरे का साथ मिला तो लोगों को ये जोड़ी खूब पसंद आने लगी। बिजुली...हे जी जैसी पहाड़ी गीतों पर प्रदीप को लोगों ने खूब पसंद किया।